लखनऊ: भगवान श्री कृष्ण को पाँच वक्त का नमाजी और मुस्लिम बताने वाले मौलाना जरजिस अंसारी के विवादित बयान पर लखनऊ में FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर हिंदू संगठनों में तीखा आक्रोश फैल गया है। मौलाना का पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद हिंदू महासभा समेत कई संगठनों ने हजरतगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
वीडियो में मौलाना जरजिस अंसारी झारखंड के एक धार्मिक कार्यक्रम में बोलते दिख रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भगवान श्री कृष्ण मुस्लिम थे, दीन का प्रचार करते थे और दिन में पाँच वक्त नमाज पढ़ते थे। उन्होंने अपने बयान को पुष्टि देने के लिए श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 6, श्लोक 10 का हवाला दिया, जिसकी गलत व्याख्या का आरोप लगाया जा रहा है।
मौलाना का बयान है- “हमारे भाई, अगर बुरा न मानें तो कृष्ण जी भी पाँचों वक्त की नमाज पढ़ा करते थे।” यह वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों ने इसे सनातन धर्म की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला बताया है।
हिंदू संगठनों का प्रदर्शन
लखनऊ में हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने मौलाना जरजिस अंसारी के फोटो पर पाँव रखकर प्रदर्शन किया और हजरतगंज पुलिस स्टेशन पहुँचकर FIR दर्ज करने की माँग की। अधिवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने कहा, “यह सनातन धर्म का घोर अपमान है। मौलाना को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री आवास और अखिलेश यादव के आवास की ओर मार्च निकाला जाएगा।
अयोध्या के एक संत ने मौलाना की जुबान काटने पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित करने की खबर भी सामने आई है, जिससे विवाद और बढ़ गया है।
मौलाना जरजिस अंसारी कौन हैं?
मौलाना जरजिस अंसारी उत्तर प्रदेश के इटावा के रहने वाले हैं। वे पहले भी विवादों में रह चुके हैं। बंगाल चुनाव और अन्य मुद्दों पर उनके बयानों को लेकर पहले भी शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
वर्तमान में कृष्ण जन्मभूमि विवाद के बीच यह बयान सामने आने से पूरे उत्तर प्रदेश सहित देशभर में सनसनी फैल गई है। सोशल मीडिया पर #MaulanaJarjis और #KrishnaInsult जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। पुलिस ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की जांच चल रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
