उत्तर प्रदेश के आगरा जिले की फतेहाबाद विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक छोटेलाल वर्मा का निधन हो गया। नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में देर शाम उन्होंने अंतिम सांस ली। छोटेलाल वर्मा पिछले दो दिनों से बीमार चल रहे थे और उन्हें तेज बुखार की शिकायत थी। हालत बिगड़ने के बाद उन्हें गुरुवार दोपहर नोएडा लाया गया था, लेकिन अस्पताल में इलाज के बाद भी उन्हें नहीं बचाया जा सका। छोटेलाल वर्मा के निधन पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई है और क्षेत्र में भी लोग उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त कर रहे हैं।
विधायक के निधन की जानकारी आगरा के सांसद राजकुमार चाहर ने दी। उन्होंने बताया कि छोटेलाल वर्मा पिछले दो दिनों से बुखार से पीड़ित थे। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें राजपुर चुंगी स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। स्थिति में सुधार नहीं आने और हालत और ज्यादा बिगड़ने के बाद परिजन उन्हें दिल्ली ले जा रहे थे। रास्ते में उनकी तबीयत काफी खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें नोएडा के अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। सांसद राजकुमार चाहर ने विधायक के निधन पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुखद समाचार है। लोकप्रिय विधायक का निधन बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान मिले और शोकाकुल परिजनों तथा उनके असंख्य समर्थकों को यह अपार दुख सहन करने की शक्ति मिले।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी फतेहाबाद के लोकप्रिय विधायक छोटेलाल वर्मा के निधन पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए संदेश में कहा कि जनपद आगरा के फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक छोटेलाल वर्मा जी का निधन अत्यंत दुखद है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को सद्गति तथा शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
बता दें कि छोटेलाल वर्मा को तेज बुखार के बाद आगरा के उपाध्याय हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के अनुसार विधायक को तेज बुखार था और स्थिति को नियंत्रित करने में सफलता नहीं मिलने के बाद उन्हें गुरुवार को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल रेफर किया गया। परिजन विधायक को एंबुलेंस से दिल्ली ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उनकी हालत काफी खराब हो गई। विधायक की स्थिति बिगड़ती देखकर परिजनों ने उन्हें नोएडा के यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। विधायक के बेटे महेंद्र वर्मा के अनुसार नोएडा के अस्पताल में विधायक को सीपीआर दिया गया, लेकिन इसके बाद भी डॉक्टरों को कामयाबी नहीं मिली।
छोटेलाल वर्मा का जन्म आगरा के नगला देवहंस गांव में 7 जुलाई 1953 को हुआ था। उन्होंने जनता इंटरमीडिएट कॉलेज से छठी कक्षा तक पढ़ाई की और उसके बाद स्कूल छोड़ दिया। बाद में वे राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने लगे। उनकी चुनावी राजनीति की शुरुआत साल 1993 के विधानसभा चुनाव से हुई, जब भाजपा ने उन्हें फतेहाबाद विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया और वे जीत दर्ज करने में कामयाब रहे। बाद में उन्होंने भाजपा छोड़कर बसपा का दामन थाम लिया। बसपा के टिकट पर वे 2002 और 2012 में फतेहाबाद सीट से जीत दर्ज करने में कामयाब हुए। साल 2016 में यूपी चुनाव 2017 से पहले उन्होंने बसपा छोड़कर भाजपा में वापसी की। 2022 के विधानसभा चुनाव में छोटेलाल वर्मा चौथी बार फतेहाबाद सीट से जीत दर्ज करने में कामयाब रहे। उन्होंने 53 हजार वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। उनके निधन से भाजपा को न सिर्फ एक अनुभवी नेता बल्कि एक लोकप्रिय जनप्रतिनिधि की क्षति हुई है।
