केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ सालों में जिस तरह का बदलाव देखा है, वह पूरे देश के लिए एक मिसाल है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी में माफिया का राज था, लेकिन योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद पूरे राज्य से माफिया तत्वों को पूरी तरह खत्म कर दिया गया। शाह के मुताबिक यही वजह है कि आज उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब यूपी में निवेशक आने से डरते थे, लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं और राज्य डर से मुक्त होकर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि राजनीतिक स्थिरता अब भारत की सबसे बड़ी ताकत बन गई है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने लगातार तीन कार्यकाल में जनता का भरोसा जीता है और सिर्फ नीतियां बनाकर नहीं रुके, बल्कि जमीनी स्तर पर उन्हें लागू भी किया है। शाह ने कहा कि नीतियों में निरंतरता और उनके सही क्रियान्वयन की वजह से ही भारत आज एक आकर्षक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी अपनी पुरानी नीतियों को समय के हिसाब से बेहतर बनाने और अनुभव के आधार पर नई नीतियां बनाने में लगातार सक्रिय रहते हैं।
अमित शाह ने 2013 का जिक्र करते हुए एक पुरानी घटना याद दिलाई। उन्होंने कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा सम्मेलन आयोजित करने की योजना बनाई थी, लेकिन लखनऊ में कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति के चलते उस कार्यक्रम को दिल्ली में करना पड़ा था। शाह ने कहा कि जब मीडिया ने इसकी वजह पूछी, तो यूपी के अधिकारियों ने खुद माना था कि लखनऊ में हालात ऐसे थे कि कोई भी निवेशक वहां आने को तैयार नहीं था। उन्होंने कहा कि यही वह दौर था जब यूपी की छवि खराब थी, लेकिन आज उसी उत्तर प्रदेश में बड़े-बड़े निवेशक आ रहे हैं और यहां निवेश के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। शाह ने इस पूरे बदलाव का श्रेय डबल-इंजन सरकार को दिया और कहा कि केंद्र और राज्य की मिली-जुली कोशिशों से यह मुमकिन हुआ है।
उन्होंने सपा और बसपा के शासनकाल की तुलना करते हुए कहा कि एक समय यूपी में अपराध का धंधा फल-फूल रहा था। अवैध पिस्तौल बनाने का उद्योग, गाड़ी चोरी और चेन-स्नैचिंग जैसी वारदातें आम थीं। लेकिन आज 10 साल बाद उसी यूपी में अवैध पिस्तौल उद्योग की जगह डिफेंस कॉरिडोर बन गया है, गाड़ी चोरी की जगह गाड़ी बनाने का काम हो रहा है और चेन-स्नैचिंग की जगह मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित हो रहा है। शाह ने कहा कि यह बदलाव बताता है कि यूपी अब क्राइम इंडस्ट्री से निकलकर इंडस्ट्रियल इकॉनमी की तरफ बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि जिस यूपी में कभी लखनऊ में इन्वेस्टमेंट समिट करने का आत्मविश्वास नहीं था, वही यूपी आज देश और दुनिया के निवेशकों को आकर्षित करने वाला बड़ा केंद्र बन गया है।
शाह ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट यानी ओडीओपी योजना के असर पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि पहले यूपी के लोग रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाते थे, लेकिन अब ओडीओपी की वजह से युवाओं को अपने ही जिले और राज्य में रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना से न सिर्फ स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिला है, बल्कि छोटे कारीगरों और निर्माताओं की आमदनी भी बढ़ी है। इसी कड़ी में उन्होंने ओडीओपी की नई वेबसाइट भी लॉन्च की। शाह ने कहा कि यह वेबसाइट यूपी के निर्माताओं के लिए व्यापार और उत्पादन को बहुत आसान बनाएगी और राज्य के उत्पादों को दुनिया के सामने पेश करने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि ओडीओपी अब सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि यूपी की पहचान बन चुकी है।
