लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव की स्थिति बन गई। मुख्यमंत्री आवास के घेराव और कांग्रेस कार्यालय के घेराव के ऐलान के बीच दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोनों पक्षों को बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।
कांग्रेस प्रदेश कार्यालय से बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास की ओर पैदल मार्च के लिए निकले। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं और महिला कार्यकर्ताओं के हाथों में लाठी-डंडे भी दिखाई दिए। पुलिस ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर ही बैरिकेडिंग लगाकर जुलूस को रोक दिया।
पुलिस के रोकने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग हटाने का प्रयास किया और कई बैरिकेड भी उखाड़ दिए। बाद में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय अपने समर्थकों के साथ सड़क पर धरने पर बैठ गए।
दूसरी ओर भाजपा ने भी कांग्रेस कार्यालय के घेराव का ऐलान किया था। भाजपा नेता और कार्यकर्ता वीवीआईपी गेस्ट हाउस के पास एकत्र हुए, लेकिन पुलिस ने उन्हें भी बैरिकेडिंग लगाकर आगे बढ़ने से रोक दिया। फिलहाल भाजपा का प्रस्तावित पैदल मार्च शुरू नहीं हो सका।
मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं। दोनों दलों के कार्यकर्ता करीब 500 मीटर की दूरी पर मौजूद रहे, जिससे किसी भी संभावित टकराव को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
हजरतगंज और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण यातायात भी प्रभावित रहा। कई प्रमुख मार्गों पर आवाजाही धीमी हो गई और लोगों को जाम का सामना करना पड़ा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। किसी भी पक्ष को बिना अनुमति आगे बढ़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
फिलहाल दोनों दलों के नेता और कार्यकर्ता अपने-अपने स्थानों पर डटे हुए हैं और पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हुई है।
