PM मोदी ने विपक्ष को नहीं कहा दिमागी नक्सल’, किरेन रिजिजू ने बताया किसे किया गया था टारगेट

दिमागी नक्सल

‘दिमागी नक्सल’ पर किरेन रिजिजू की सफाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर जारी सियासी घमासान के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सफाई दी है। रविवार, 16 अगस्त 2026 को रिजिजू ने कहा कि पीएम मोदी ने विपक्षी नेताओं को दिमागी नक्सल नहीं कहा था। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री का इशारा उन लोगों की ओर था जो माओवादियों, अलगाववादियों और भारत को बांटने वाली सोच का समर्थन करते हैं।

विपक्ष के घमासान के बीच क्या बोले किरेन रिजिजू?

किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष के नेताओं को ‘दिमागी नक्सल’ नहीं कहा है।

उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ऐसे लोगों की बात कर रहे थे जो:

🔔 हर बड़ी खबर सबसे पहले WhatsApp पर
हमारे WhatsApp Group से जुड़ें
JOIN
  • माओवाद का समर्थन करते हैं और भारतीय संविधान को मानने से इनकार करते हैं।
  • अलगाववादियों के साथ खड़े होते हैं।
  • संविधान के अनुच्छेद 370 का समर्थन करते हैं।
  • भारत के पूर्वोत्तर हिस्से को देश से अलग करने के लिए ‘चिकन नेक’ काटने की बात करने वालों का समर्थन करते हैं।
इसे भी पढ़ें.  उत्तर प्रदेश पुलिस में 262 सिपाहियों को मिली पदोन्नति, बने हेड कांस्टेबल

रिजिजू ने अपने एक दूसरे पोस्ट में शरजील इमाम का एक वीडियो भी शेयर किया और कहा कि इसी तरह के लोगों का समर्थन करने वालों को ‘दिमागी नक्सल’ कहा गया है।

PM मोदी ने लाल किले से क्या कहा था?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया था। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि हथियार उठाने वाले नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है, लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ की चुनौती अभी भी मौजूद है।

पीएम मोदी ने कहा कि वैचारिक तौर पर सक्रिय ऐसे तत्व मौके की तलाश में रहते हैं। उन्होंने देशवासियों से ऐसी मानसिकता को समय रहते पहचानने और उसे अलग-थलग करने की अपील की थी।

क्यों मचा सियासी बवाल?

पीएम मोदी के बयान के बाद विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए और आरोप लगाया कि ‘दिमागी नक्सल’ जैसे शब्दों के जरिए असहमति रखने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। इसी राजनीतिक बहस के बीच अब किरेन रिजिजू की सफाई सामने आई है।

इसे भी पढ़ें.  लखनऊ में उमस से लोग बेहाल, 33°C तापमान पर 41°C जैसी गर्मी का अहसास; शाम तक बारिश की संभावना

सरकार की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण के मुताबिक, ‘दिमागी नक्सल’ का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं के लिए नहीं, बल्कि माओवादी और अलगाववादी विचारधारा का समर्थन करने वालों के संदर्भ में किया गया था।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *