लखनऊ में वकीलों के अवैध चैंबर पर आज चलेगा बुलडोजर, सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा- ‘तोड़ने की कार्रवाई तो होगी’

लखनऊ वकील अवैध चैंबर बुलडोजर

लखनऊ। जिला अदालत परिसर के आसपास बने वकीलों के अवैध चैंबरों पर आज यानी रविवार को बुलडोजर चलाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट से आदेश मिलने के बाद नगर निगम ने पूरी तैयारी कर ली है। इस कार्रवाई के लिए करीब 8 बुलडोजर और हाईवा गाड़ियां लगाई जाएंगी।

मौके पर पीएसी, कई थानों की पुलिस, नगर निगम की प्रवर्तन दल (ईटीएफ) और जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। नगर निगम ने 100 वकीलों को 30 अगस्त तक अवैध चैंबर खाली करने का नोटिस दिया था। इनमें नाले के ऊपर बने अवैध चैंबर भी शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से किया इनकार

वकीलों के चैंबर तोड़े जाने के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने विचार करने से मना कर दिया। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने साफ कहा कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तो होगी। बता दें कि जस्टिस विक्रम नाथ पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज भी रह चुके हैं।

इसे भी पढ़ें.  Azam Khan-Abdullah Azam की सजा पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई, पिता-पुत्र ने दायर की अलग-अलग याचिकाएं

याचिकाकर्ता के वकील ने सुझाव रखा कि मामले को मध्यस्थता के लिए भेज दिया जाए। लेकिन पीठ ने इससे भी इनकार कर दिया और वकील को याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी।

हाईकोर्ट ने भी दिया था नोटिस जारी करने का आदेश

इस याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के 4 अगस्त के आदेश को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने लखनऊ नगर निगम को निर्देश दिया था कि वह 72 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी करे। इनमें से ज्यादातर वकील हैं। ये चैंबर और ढांचे लखनऊ जिला अदालत परिसर के पास सार्वजनिक रास्तों और सार्वजनिक जमीन पर बनाए गए हैं।

17 मई को भी हुई थी कार्रवाई, जमकर हुआ था विरोध

17 मई को भी नगर निगम की टीम ने पुलिस और पीएसी बल के साथ अवैध चैंबरों पर कार्रवाई की थी। उस दौरान वकीलों ने जमकर विरोध किया था। एक वकील ने फांसी लगाने की भी कोशिश की थी, जिसे पुलिस ने बचा लिया। कार्रवाई के दौरान वकीलों ने हंगामा करते हुए पथराव भी कर दिया था। इस पर पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा था। इस घटना में एक सिपाही समेत तीन वकील घायल हो गए थे। सुबह से दोपहर तक यह कार्रवाई चली थी।

इसे भी पढ़ें.  कर्मचारी बोला ‘चारा ढो लो’… तो मोगा के शख्स ने 31 लाख की नई इनोवा पर सच में चारा लादकर बैल से खिंचवा दी!

वकीलों ने एक दिन पहले किया विरोध प्रदर्शन

वकीलों ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नगर निगम के खिलाफ विरोध जताया। उनका कहना है कि नगर निगम प्रशासन उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम के तहत तय कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं कर रहा है। वकीलों का आरोप है कि नोटिस के नाम पर जो फॉर्मेट चस्पा किया गया है, वह धारा 554 और 564 में बताई गई प्रक्रिया के मुताबिक नहीं है।

वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के ‘In Re: Manoj Tibrewal’ मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों का भी हवाला दिया। उनका कहना है कि प्रभावित अधिवक्ताओं को सही तरीके से नोटिस और अपनी बात रखने का पूरा मौका दिए बिना चैंबर नहीं तोड़े जा सकते।

कार्रवाई रोकने की मांग, नहीं मानी तो अवमानना की चेतावनी

वकीलों ने प्रशासन से 30 अगस्त को होने वाली ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तुरंत रोकने की मांग की है। उनका कहना है कि आगे की कोई भी कार्रवाई हाईकोर्ट के 4 अगस्त के आदेश, नगर निगम अधिनियम के प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने के बाद ही की जानी चाहिए। वकीलों ने चेतावनी दी है कि अगर फिर भी कार्रवाई हुई तो वे अवमानना याचिका दाखिल करेंगे।

इसे भी पढ़ें.  यूपी की ITI में बदलेगा प्रशिक्षण का तरीका, युवाओं को मिलेंगे आधुनिक रोजगारपरक कौशल
Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *