प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक बेहद ह्रदय विदारक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। नगर कोतवाली क्षेत्र के महुली मोहल्ले में गुरुवार की तड़के सुबह एक जर्जर मकान की छत भरभराकर गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है। घटना के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है और महुली मोहल्ले में मातम का माहौल है।
भीषण गर्मी और किस्मत का क्रूर खेल
उत्तर प्रदेश इस समय भीषण और जानलेवा गर्मी की चपेट में है। उमस और पसीने से बेहाल महुली मोहल्ले के इस श्रीवास्तव परिवार ने बुधवार की रात को राहत पाने के लिए एक फैसला लिया, जो अनजाने में उनके जीवन का आखिरी फैसला साबित हुआ। रोजाना परिवार के लोग अलग-अलग कमरों में सोते थे, लेकिन बुधवार की रात उमस बर्दाश्त से बाहर थी। ऐसे में पूरे परिवार ने सोचा कि क्यों न रात भर के लिए सभी लोग एक ही कमरे में एसी (AC) चलाकर सो जाएं ताकि गर्मी से राहत मिल सके। पूरा परिवार हंसते-खेलते एक कमरे में बिस्तर लगाकर सो गया। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। रात में अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई।
रात 2 बजे मलबे में तब्दील हुईं खुशियां
मकान बेहद पुराना और जर्जर अवस्था में था। रात में हुई तेज बारिश के पानी को जर्जर छत बर्दाश्त नहीं कर सकी। रात के करीब दो बजे, जब पूरा परिवार गहरी नींद में सोया हुआ था, तभी अचानक जोरदार धमाके के साथ भारी-भरकम पक्की छत सीधे सोते हुए लोगों के ऊपर आ गिरी। चीख-पुकार मचने का मौका तक नहीं मिला। पूरा कमरा चंद सेकेंडों में मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। एसी की ठंडी हवा वाले उस कमरे में पल भर में चीखें भी दफन हो गईं।
मलबे से गूंजी इकलौती चीख, दहल उठा मोहल्ला
मकान ढहने की आवाज इतनी जोरदार थी कि पूरा महुली मोहल्ला दहल उठा। आसपास के लोग तुरंत अपने घरों से बाहर निकल आए। धूल के गुबार के बीच जब लोगों ने देखा तो श्रीवास्तव जी का मकान जमींदोज हो चुका था। स्थानीय निवासियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और खुद ही मलबे को हटाने के काम में जुट गए। इसी बीच मलबे के नीचे से एक युवक की कराहने और मदद मांगने की आवाज सुनाई दी। यह आवाज 28 वर्षीय अमन श्रीवास्तव की थी। स्थानीय लोगों ने भारी मशक्कत के बाद मलबे को हटाकर अमन को बाहर निकाला। अमन गंभीर रूप से घायल था, जिसे तुरंत नजदीकी अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
हादसे में उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार
सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें दलबल के साथ मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों की मदद से मलबे को हटाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। मलबे के नीचे दबे लोगों को जब एक-एक कर बाहर निकाला गया, तो देखने वालों की रूह कांप गई। परिवार के छह सदस्यों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। मृतकों में घर के बुजुर्ग दंपति, उनका बेटा, बहू और दो मासूम बच्चे शामिल हैं। जो परिवार कुछ घंटे पहले तक एक साथ बैठकर बातें कर रहा था, वह अब पूरी तरह से खत्म हो चुका था।
प्रशासनिक अमला मौके पर, राहत कार्य जारी
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी रात में ही मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्य की कमान संभाली। सभी शवों को मलबे से निकालकर पंचनामा के लिए भेजा गया। जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का मुआयना किया और पीड़ित परिवार के जीवित बचे सदस्य अमन के समुचित इलाज के निर्देश दिए। प्रशासन ने जर्जर मकानों को लेकर भी चिंता जताई है।