चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में बयानबाजी को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच राज्य पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डीएमके विधायक जी.आर. मार्कंडेयन को गिरफ्तार कर लिया है। विधायक पर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक और धमकी भरी टिप्पणी करने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद तूतीकोरिन में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया और डीएमके समर्थकों ने एसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
जनसभा में दिया था विवादित बयान
जानकारी के अनुसार, एक जनसभा को संबोधित करते हुए जी.आर. मार्कंडेयन ने मुख्यमंत्री विजय पर तीखा हमला बोला था। भाषण के दौरान उन्होंने कथित तौर पर कहा कि यदि विधानसभा के दरवाजे बंद किए गए तो मुख्यमंत्री की “हड्डियां तोड़ दी जाएंगी।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया।
TVK नेता की शिकायत के बाद कार्रवाई
विधायक के बयान को लेकर तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के एक स्थानीय नेता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और जी.आर. मार्कंडेयन को हिरासत में लेकर पूछताछ की। बाद में उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
एसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
विधायक की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही डीएमके समर्थक बड़ी संख्या में तूतीकोरिन एसपी कार्यालय पहुंच गए। समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए नारेबाजी की। मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
पहले भी हो चुकी है ऐसी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ बयान को लेकर कार्रवाई हुई हो। इससे पहले इसी महीने तिरुचेंदूर से डीएमके विधायक अनीता राधाकृष्णन को भी मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि बाद में उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत जमानत मिल गई थी।
बढ़ा राजनीतिक तनाव
जी.आर. मार्कंडेयन की गिरफ्तारी के बाद तमिलनाडु में राजनीतिक बयानबाजी को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
