लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा और कौशल विकास को नई दिशा देने की पहल के तहत चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश में दो दिवसीय सीयू स्कॉलर समिट 2026 (फेज-2) का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए 750 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। यूनिवर्सिटी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 50 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति के माध्यम से 3,000 से अधिक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लाभ देने की योजना बनाई है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा और कौशल विकास को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक संसाधनों की कमी किसी भी छात्र की शिक्षा में बाधा नहीं बनने दी जाएगी।

मंत्री ने कहा कि आज के समय में युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, एयरोस्पेस और डिफेंस टेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में दक्ष बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। साथ ही बेटियों को भी उच्च शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के मैनेजिंग डायरेक्टर जय इंदर सिंह संधू ने बताया कि विश्वविद्यालय में अत्याधुनिक लैब, जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई स्पेस और विश्वस्तरीय रिसर्च सुविधाएं विकसित की गई हैं। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री आधारित शिक्षण मॉडल के कारण कई विद्यार्थियों का चयन पहले ही वैश्विक कंपनियों में इंटर्नशिप के लिए हो चुका है।
विश्वविद्यालय ने सीयूसीईटी (CUCET) के माध्यम से 50 करोड़ रुपये तक की छात्रवृत्ति की घोषणा की है। मेरिट के आधार पर विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत तक की स्कॉलरशिप प्रदान की जा रही है। पहले दिन इंजीनियरिंग और कंप्यूटिंग क्षेत्र के 750 से अधिक विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
समिट का मुख्य विषय “From Scholar to Future-Ready Professional: AI, Aerospace, Defence and Engineering” रखा गया है। इस दौरान नीति निर्माता, शिक्षा विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और पूर्व छात्र भविष्य की तकनीकों और रोजगार के अवसरों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के प्रो. डॉ. ल्यूक डिकेन्स और सीयू यूपी के प्रो. डॉ. थिपेंद्र पाल सिंह ने वैश्विक करियर अवसरों पर अपने विचार साझा किए। वहीं, पूर्व ब्रह्मोस एयरोस्पेस के सीईओ एवं एमडी डॉ. सुधीर कुमार मिश्रा, हिताची एमजीआरएम नेट लिमिटेड के टेक्नोलॉजी लीडर मनीष पाहुजा, पीआईएसएआरवी के संस्थापक अभिषेक मिश्रा और विफी टेक्नोलॉजी के सह-संस्थापक विक्रम एस. ने इनोवेशन, उद्योग की अपेक्षाओं और उद्यमिता पर चर्चा की।
समारोह के विशेष सत्र में अभिनेता कुमुद मिश्रा ने भी युवाओं को संबोधित करते हुए अपनी अलग पहचान बनाने और नई संभावनाओं को अपनाने का संदेश दिया।
इस अवसर पर योजना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन तथा आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार, कुलपति प्रो. डॉ. विनीत कुमार नायर, प्रो वाइस चांसलर प्रो. डॉ. टी.पी. सिंह सहित शिक्षा, उद्योग और प्रशासन से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
