मेरठ में छह माह के मासूम समीर की हत्या के आरोप में गिरफ्तार सहारनपुर की शबाना रात भर जेल में बेचैन रही। नींद नहीं आई। वह बार-बार पुलिसकर्मियों से जिद करती रही कि उसे अपने प्रेमी विशाल के साथ रखा जाए।
जेल प्रशासन ने साफ मना कर दिया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि ऐसा कोई नियम नहीं है। दोनों को अलग-अलग रखा गया।
नौचंदी पुलिस का कहना है कि इस मामले में जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी। पुलिस अधीक्षक सिटी विनायक गोपाल भोसले ने कहा कि सभी साक्ष्य सुरक्षित हैं।
मामला 13 जुलाई का है। नौचंदी थाना क्षेत्र की पंचशील कॉलोनी के खुले नाले में छह माह के बच्चे का शव मिला था। बाद में उसकी पहचान सहारनपुर के दौलतपुर छन्नो गांव की शबाना के बेटे समीर के रूप में हुई।
पति इमरान ने 12 जुलाई को गंगोह थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि पत्नी शबाना बेटे को दवाई दिलाने गंगोह गई थी और फिर घर नहीं लौटी। तलाश के दौरान 26 जुलाई को शबाना हापुड़ के मुदाफरा गांव में विशाल के घर मिली। बच्चे का कोई पता नहीं चला।
जांच में सामने आया कि मासूम को सोहराब गेट बस अड्डे के पास नाले में फेंक दिया गया था। पोस्टमॉर्टम में डूबने से मौत की पुष्टि हुई। पुलिस ने विशाल को हापुड़ से गिरफ्तार कर मेरठ लाया। शबाना भी हिरासत में है।
शबाना ने पुलिस को बताया कि कुछ महीने पहले इंस्टाग्राम पर विशाल से दोस्ती हुई थी। दोनों में प्रेम संबंध बन गए। घटना वाले दिन विशाल ने उसे मेरठ के सोहराब गेट बस स्टैंड पर बुलाया। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे मुलाकात हुई। विशाल ने कहा कि वह बच्चे को अपने घर नहीं ले जा सकता। शबाना सहमत हो गई।
पांच मिनट बाद विशाल लौटा और बताया कि उसने बच्चा अपने एक दोस्त को दे दिया। इसके बाद वह शबाना को हापुड़ ले गया। पूछताछ में विशाल ने कहा कि उसने सोते हुए बच्चे को नाले के किनारे रख दिया था। उसे नहीं पता कि बच्चा नाले में कैसे गिर गया।
शबाना से जब पूछा गया कि बेटे पर तरस नहीं आया, तो उसने कहा कि अगर वह बेटे को नहीं चाहती तो साथ नहीं लाती। पछतावा है या नहीं, इस पर उसने गर्दन हिलाकर हां कहा।
इमरान ने बताया कि पत्नी के इंस्टाग्राम चलाने या विशाल से बात करने की जानकारी उन्हें नहीं थी। शबाना को जब घर लाया तब भी उसने बच्चे की हत्या की बात छिपाई थी। शबाना के परिजन मेरठ नहीं पहुंचे।
29 जुलाई को शबाना की जानकारी पर गंगोह पुलिस नौचंदी थाने पहुंची। 30 जुलाई को इमरान और परिजनों ने फोटो देखकर बच्चे की पहचान की।
