राम मंदिर चढ़ावा विवाद में नया मोड़, पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने जान से मारने की धमकी का लगाया आरोप

अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा और कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जारी विवाद के बीच समाजवादी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में लगातार आवाज उठाने के कारण उन्हें जान से मारने की धमकी मिली है। इस मामले के सामने आने के बाद अयोध्या की सियासत एक बार फिर गरमा गई है।

पवन पांडेय का कहना है कि उन्हें एक संदेश के माध्यम से चेतावनी दी गई, जिसमें कहा गया कि यदि उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा मामले पर बोलना बंद नहीं किया तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि यह धमकी उन्हें डराने और कथित वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे को उठाने से रोकने की कोशिश है।

उन्होंने कहा कि वे इस तरह की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और राम मंदिर के चढ़ावे तथा ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता से जुड़े सवाल उठाते रहेंगे। उनके अनुसार, यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सार्वजनिक धन से जुड़ा है, इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

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यह दावा ऐसे समय में सामने आया है जब राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच को लेकर विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट चर्चा में है। रिपोर्ट में कथित तौर पर गणना कक्ष में कई बार चोरी की घटनाओं और निगरानी व्यवस्था में खामियों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, मामले की जांच अभी भी विभिन्न स्तरों पर जारी है।

पूर्व मंत्री ने घटना की जानकारी पुलिस और संबंधित अधिकारियों को देते हुए अपनी सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि एक पूर्व जनप्रतिनिधि को इस तरह की धमकी मिलना बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से इस कथित धमकी के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान और संदेश की सत्यता की जांच की जा रही है।

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच सामने आए इस नए घटनाक्रम ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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