लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर नया विवाद सामने आया है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे को कानूनी मानहानि का नोटिस भेजा है। यह कार्रवाई सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर की गई एक पोस्ट के बाद की गई है।
समाजवादी पार्टी का आरोप है कि सांसद निशिकांत दुबे ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव के बारे में भ्रामक, अपमानजनक और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाली टिप्पणी की है। पार्टी का कहना है कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया, जिससे सपा अध्यक्ष की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।
सपा के विधिक प्रकोष्ठ की ओर से भेजे गए नोटिस में निशिकांत दुबे से विवादित पोस्ट को तत्काल हटाने और सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की गई है। नोटिस में कहा गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो उनके खिलाफ न्यायालय में मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।
समाजवादी पार्टी का कहना है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति के खिलाफ तथ्यों से परे जाकर की गई टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। पार्टी ने इसे राजनीतिक मर्यादा और लोकतांत्रिक संवाद के खिलाफ बताया है।
वहीं, इस मामले पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वह नोटिस का क्या जवाब देंगे।
सोशल मीडिया पर नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी और उसके बाद कानूनी कार्रवाई के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। हालांकि, इस बार समाजवादी पार्टी द्वारा सीधे कानूनी नोटिस भेजे जाने से मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
अब सभी की नजर निशिकांत दुबे की प्रतिक्रिया और इस मामले में आगे होने वाली कानूनी प्रक्रिया पर टिकी है। यदि दोनों पक्षों के बीच विवाद नहीं सुलझता है, तो यह मामला अदालत तक पहुंच सकता है।
