राम मंदिर गबन विवाद में नया दावा, कोषाध्यक्ष बोले- बैंक खातों का संचालन चंपत राय करते थे

अयोध्या। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित चढ़ावा गबन विवाद के बीच एक नया दावा सामने आया है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने एक मीडिया संस्थान से बातचीत में कहा कि ट्रस्ट के बैंक खातों का संचालन पूरी तरह चंपत राय के नियंत्रण में था। उनके इस बयान के बाद ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं।

स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि वे ट्रस्ट में कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे थे, लेकिन बैंक खातों के संचालन और वित्तीय व्यवस्था का नियंत्रण उनके पास नहीं था। उनका दावा है कि बैंक खातों के संचालन की पूरी व्यवस्था चंपत राय द्वारा बनाई गई थी और वही इन खातों का संचालन करते थे।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कथित वित्तीय अनियमितताओं या गबन के मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है। इसी कारण उन्होंने कहा कि वे अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे और उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।

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इस बयान के सामने आने के बाद राम मंदिर चढ़ावे और ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर बहस तेज हो गई है। विभिन्न पक्षों की ओर से यह मांग उठ रही है कि ट्रस्ट के बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच कराई जाए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

हालांकि, इस मामले में चंपत राय की ओर से इस नए दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं जांच एजेंसियों की ओर से भी इस बयान को लेकर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की गई है।

गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावा और कथित वित्तीय गड़बड़ी को लेकर पहले से ही जांच जारी है। ऐसे में कोषाध्यक्ष का यह दावा जांच के दायरे और जिम्मेदारियों को लेकर नई चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और ट्रस्ट की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।

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