लखनऊ में 101 अवैध इमारतों पर चलेगा LDA का बुलडोजर

लखनऊ में अवैध निर्माण के खिलाफ अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। अलीगंज अग्निकांड के बाद अवैध और नियमों के खिलाफ बने भवनों को लेकर बढ़ी सख्ती के बीच LDA ने शहर की 101 इमारतों की सूची तैयार की है। इनमें बिना स्वीकृत नक्शे के बने कई बहुमंजिला भवन और अपार्टमेंट भी शामिल हैं। प्राधिकरण ने इन भवनों को नोटिस जारी कर दिया है और 17 अगस्त 2026 से ध्वस्तीकरण अभियान शुरू करने की तैयारी की है।

इस कार्रवाई में अलीगंज क्षेत्र की 51 इमारतें सबसे अहम मानी जा रही हैं। इन भवनों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद चिन्हित किया गया है। 24 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त न्याय मित्र की टीम अलीगंज पहुंचकर इन इमारतों का निरीक्षण करेगी। टीम भवनों के नक्शे, निर्माण से जुड़े दस्तावेज, पुराने रिकॉर्ड और प्राधिकरण की कार्रवाई से संबंधित जानकारी की जांच करेगी। इसके बाद निरीक्षण की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी जाएगी।

LDA ने न्याय मित्र की टीम के निरीक्षण को देखते हुए अपनी तैयारी भी तेज कर दी है। योजना विभाग के दो ड्राफ्टमैन मुकेश वर्मा और दीपक को टीम की सहायता के लिए तैनात किया गया है। दोनों अधिकारी निरीक्षण के दौरान संबंधित भवनों के नक्शे, अभिलेख और अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने में मदद करेंगे।

इसे भी पढ़ें.  झांसी सड़क हादसे में अतीक अहमद के बेटे अबान की मौत, भाई अली से मिलने जा रहा था
🔔 हर बड़ी खबर सबसे पहले WhatsApp पर
हमारे WhatsApp Group से जुड़ें
JOIN

प्राधिकरण ने कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की भी मांग की है। LDA सचिव विवेक श्रीवास्तव की ओर से पुलिस आयुक्त को पत्र भेजकर पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की उपलब्धता का अनुरोध किया गया है। ध्वस्तीकरण अभियान के लिए प्राधिकरण ने अलग-अलग टीमें भी तैयार की हैं, ताकि चिन्हित भवनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

LDA के अनुसार, अलीगंज की 51 इमारतों के अलावा शहर की करीब 50 अन्य अवैध इमारतों को भी कार्रवाई के दायरे में रखा गया है। इस तरह कुल 100 से अधिक भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की तैयारी है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, इन भवनों की सूची तैयार की जा चुकी है और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अवैध निर्माण के खिलाफ LDA की सख्ती की वजह अलीगंज में जून 2026 में हुई भीषण आग की घटना भी है। उस हादसे में 15 लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद सामने आया कि संबंधित भवन के इस्तेमाल और निर्माण से जुड़े कई सवाल थे। इसके बाद LDA ने अपने स्तर पर भी जांच कराई और अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा शुरू की। एक आधिकारिक समीक्षा के अनुसार, LDA ने इस मामले में 19 इंजीनियरों और छह वरिष्ठ PCS अधिकारियों समेत 25 मौजूदा और पूर्व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी।

इसे भी पढ़ें.  उत्तर प्रदेश पुलिस में 262 सिपाहियों को मिली पदोन्नति, बने हेड कांस्टेबल

अलीगंज अग्निकांड के बाद शहर में अवैध निर्माण, भवनों के इस्तेमाल और सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन पर भी सवाल उठे। अब LDA की ओर से 101 भवनों को चिन्हित किया जाना इसी व्यापक कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, किसी भवन को गिराने से पहले संबंधित पक्ष को कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना जरूरी है। ऐसे मामलों में नोटिस, जवाब और अंतिम आदेश की प्रक्रिया के बाद ही ध्वस्तीकरण किया जाता है।

आने वाले दिनों में LDA की कार्रवाई पर शहर की नजर रहेगी। खास तौर पर अलीगंज की 51 इमारतों का निरीक्षण महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के न्याय मित्र की टीम भी इन भवनों की स्थिति और रिकॉर्ड की जांच करेगी। इसके बाद सामने आने वाली रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि किन भवनों में नियमों का उल्लंघन हुआ है और संबंधित विभागों ने पहले क्या कार्रवाई की थी।

इसे भी पढ़ें.  अखिलेश यादव ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से लिया आशीर्वाद, बोले- नकली संतों का दौर खत्म होगा

लखनऊ में तेजी से बढ़ते निर्माण के बीच यह कार्रवाई भवन निर्माण के नियमों और सुरक्षा मानकों को लेकर भी अहम संदेश दे सकती है। अब देखना होगा कि 17 अगस्त से शुरू होने वाला अभियान कितनी इमारतों तक पहुंचता है और चिन्हित भवनों के खिलाफ LDA की कार्रवाई किस तरह आगे बढ़ती है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *