लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को राजधानी लखनऊ में ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। यह मुलाकात करीब एक घंटे तक चली, जिसमें दोनों के बीच विभिन्न सामाजिक और समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।
मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव शंकराचार्य के सामने जमीन पर बैठकर उनसे संवाद करते नजर आए। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक तरीके से आशीर्वाद लिया। मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी यह चर्चा का विषय बन गईं।
मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा, “कोई भी शुभ कार्य शुरू करने से पहले साधु-संतों का आशीर्वाद मिल जाए, इससे अच्छी बात नहीं हो सकती। शंकराचार्य जी का आशीर्वाद मिला है। अब नकली संतों का दौर खत्म होने वाला है।”
राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि समाजवादी पार्टी संत समाज और धार्मिक नेतृत्व के साथ संवाद बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इससे पहले भी अखिलेश यादव विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों और संतों से मुलाकात करते रहे हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पिछले कुछ समय से कई धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर मुखर रहे हैं। सनातन परंपरा, गो-संरक्षण और अन्य विषयों पर उनके बयान अक्सर चर्चा में रहते हैं। इससे पहले भी अखिलेश यादव ने प्रयागराज महाकुंभ और अन्य मुद्दों को लेकर उनसे संपर्क किया था।
बताया जा रहा है कि यह मुलाकात लखनऊ के कृष्णानगर स्थित उस स्थान पर हुई, जहां शंकराचार्य इन दिनों प्रवास पर हैं। मुलाकात के दौरान किसी राजनीतिक विषय पर औपचारिक चर्चा की पुष्टि नहीं हुई, हालांकि इसे आगामी राजनीतिक परिस्थितियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गौरतलब है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती वर्ष 2022 से ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य हैं। वे स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य रहे हैं और सनातन परंपरा से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी स्पष्ट राय रखने के लिए जाने जाते हैं। उनके लाखों अनुयायी देशभर में हैं और वे समय-समय पर सामाजिक एवं धार्मिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
