उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के बड़ा सड़क हादसा हो गया। राया थाना क्षेत्र में लखनऊ से दिल्ली जा रही एक वॉल्वो बस गिट्टी से लदे ट्रेलर से पीछे से टकरा गई। इस भीषण दुर्घटना में बस चालक, परिचालक (कंडक्टर), क्लीनर और एक यात्री समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 यात्री घायल हो गए। हादसे के समय बस में कुल 65 यात्री सवार थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा ट्रेलर में करीब आठ फीट तक घुस गया। दुर्घटना के बाद बस में अफरा-तफरी मच गई और कई यात्री सीटों के बीच फंस गए। कुछ यात्रियों को निकालने के लिए बस के शीशे और इमरजेंसी गेट तोड़ने पड़े। पुलिस, स्थानीय लोगों और राहत टीमों ने करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला।
तड़के साढ़े तीन बजे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक यह दुर्घटना सुबह करीब 3:30 बजे मथुरा जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर राया थाना क्षेत्र में हुई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम से कई पीआरवी वाहन और एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं। घायलों को जल्दी अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया गया।
चार लोगों की गई जान
मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने बताया कि हादसे में बस चालक उपदेश यादव, कंडक्टर, क्लीनर और एक यात्री की मौत हुई है। मृतकों में तीन लोगों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। वहीं 34 यात्री सुरक्षित हैं, जिन्हें दूसरी बसों के माध्यम से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
शुरुआती जांच में लापरवाही की बात
एसएसपी श्लोक कुमार के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि हादसे के समय नियमित चालक की जगह कंडक्टर बस चला रहा था। पुलिस के मुताबिक बस तेज रफ्तार में थी और ट्रेलर अपनी लेन में चल रहा था। इसी दौरान बस अनियंत्रित होकर पीछे से ट्रेलर में जा घुसी। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही की जाएगी।
गैस कटर से काटनी पड़ी बस
हादसे के वक्त अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई लोग सीटों और बस के ढांचे के बीच फंस गए। राहत दल को यात्रियों को निकालने के लिए गैस कटर की मदद से बस का अगला हिस्सा काटना पड़ा। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
यात्रियों ने सुनाई हादसे की आपबीती
फरीदाबाद की रहने वाली प्रीति श्रीवास्तव ने बताया कि बस हादसे से कुछ देर पहले एक ढाबे पर रुकी थी। इसके बाद बस तेज रफ्तार में चल रही थी और कुछ दूरी पर अचानक जोरदार टक्कर हो गई। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी गेट का शीशा तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला गया।
लखनऊ निवासी जितेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। उनके अनुसार बस पूरी तरह भरी हुई थी और आगे बैठे यात्रियों को सबसे अधिक चोटें आईं।
एक अन्य घायल यात्री सुभान ने बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ दिल्ली जा रहे थे। उन्होंने कहा कि बस के पिछले हिस्से में बैठे होने के कारण उनकी जान बच गई, जबकि आगे बैठे यात्रियों को गंभीर चोटें आईं।
