इंग्लैंड क्रिकेट टीम के टेस्ट कप्तान और स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के अनुसार, न्यूजीलैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में खेला जा रहा तीसरा टेस्ट मैच उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मुकाबला होगा। इस घोषणा के साथ ही 15 साल लंबे शानदार करियर का अंत होने जा रहा है।
35 वर्षीय स्टोक्स ने 2011 में इंग्लैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था, जबकि 2013 में एशेज सीरीज के दौरान टेस्ट डेब्यू किया। अपने करियर में उन्होंने कई ऐसे यादगार प्रदर्शन किए, जिन्होंने उन्हें आधुनिक क्रिकेट के सबसे बड़े मैच विनर्स में शामिल कर दिया। 2019 वनडे विश्व कप फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी नाबाद 84 रन की पारी ने इंग्लैंड को पहला विश्व कप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
उसी वर्ष एशेज सीरीज के हेडिंग्ले टेस्ट में खेली गई उनकी नाबाद 135 रन की ऐतिहासिक पारी टेस्ट क्रिकेट के इतिहास की सबसे बेहतरीन पारियों में गिनी जाती है। इसके अलावा 2016 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन टेस्ट में 258 रन उनकी सर्वोच्च टेस्ट पारी रही।
अप्रैल 2022 में टेस्ट कप्तानी संभालने के बाद स्टोक्स ने मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम के साथ मिलकर इंग्लैंड की आक्रामक ‘बैज़बॉल’ रणनीति को नई पहचान दी। उनके नेतृत्व में इंग्लैंड ने टेस्ट क्रिकेट में तेज़ और सकारात्मक खेल का नया दौर शुरू किया, जिससे टीम को कई यादगार सीरीज जीत मिलीं।
ईसीबी के अध्यक्ष रिचर्ड थॉम्पसन ने स्टोक्स को इंग्लैंड के महानतम क्रिकेटरों में से एक बताते हुए कहा कि दबाव के क्षणों में उनका प्रदर्शन, नेतृत्व क्षमता और मुकाबले का जज़्बा हमेशा याद रखा जाएगा। ट्रेंट ब्रिज में उनके संन्यास की घोषणा के बाद दर्शकों ने खड़े होकर उनका स्वागत किया और मैदान पर भावुक माहौल देखने को मिला।
बेन स्टोक्स के संन्यास के साथ इंग्लैंड क्रिकेट एक ऐसे खिलाड़ी को विदाई देगा जिसने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और कप्तानी—तीनों भूमिकाओं में टीम को कई ऐतिहासिक जीत दिलाईं। क्रिकेट जगत में उनके योगदान और नेतृत्व को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
