राम मंदिर चंदा विवाद पर कांग्रेस नेता पवन बंसल ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की

Himachal Congress demands SC-monitored probe into Ram Temple Trust, alleges misuse of donations

शिमला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन बंसल ने राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कथित वित्तीय अनियमितताओं की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला राजनीति का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और पारदर्शिता का है।

शनिवार को शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में पवन बंसल ने आरोप लगाया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियां हुई हैं। उन्होंने कहा कि देशभर के लोगों ने भगवान राम के मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धा और विश्वास के साथ दान दिया था, इसलिए इस धन के उपयोग को लेकर पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए।

बंसल ने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से भगवान राम के नाम का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया। उन्होंने दावा किया कि मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे के उपयोग को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिलना चाहिए और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।

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कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन और उसके संचालन में स्थापित प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि करोड़ों रुपये के चंदे में कथित गड़बड़ियां हुई हैं और यह मामला केवल नकदी चोरी तक सीमित नहीं है।

पवन बंसल ने कहा कि इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अब तक कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन उनके अनुसार मामले के उच्च स्तर तक जांच नहीं पहुंची है। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और व्यापक जांच हो तथा यदि कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

उन्होंने प्रधानमंत्री से भी इस मुद्दे पर देश के सामने स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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कांग्रेस नेता ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि वह इस मामले की निगरानी में एक स्वतंत्र जांच समिति गठित करे या जांच प्रक्रिया की निगरानी करे, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे। इसके साथ ही उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन या उसे समाप्त करने की भी मांग उठाई।

हालांकि, पवन बंसल द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक बयान हैं। इन आरोपों पर संबंधित ट्रस्ट, केंद्र सरकार या अन्य संबंधित पक्षों की ओर से इस बयान के संदर्भ में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की जांच और आधिकारिक निष्कर्ष के बाद ही तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।

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