वेनेजुएला में भारतीय नाविक की मौत पर परिवार ने उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग

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वेनेजुएला में भारतीय नाविक राकेश चौहान की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर उनके परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक की पत्नी रंजना ने दावा किया है कि उनके पति की हत्या की गई और उनके शव से आंतरिक अंग निकाल लिए गए। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

रंजना ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके पति जहाज पर काम करने के लिए वेनेजुएला गए थे, जहां संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई। उनका आरोप है कि घटना के बाद संबंधित कंपनी के प्रतिनिधियों ने परिवार को पूरी जानकारी नहीं दी और मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार अनुरोध के बावजूद परिवार को न तो विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई और न ही मृतक का निजी सामान लौटाया गया।

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रंजना के अनुसार, भारत लाए जाने के बाद शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। उनका दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर के कई आंतरिक अंग नहीं पाए गए। उन्होंने कहा कि इस मामले में विदेश मंत्रालय सहित विभिन्न सरकारी अधिकारियों से शिकायत की गई है, लेकिन अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है।

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रंजना ने बताया कि उनकी आखिरी बार अपने पति से 6 मई को बातचीत हुई थी। उनका कहना है कि इसके कुछ समय बाद परिवार को सूचना मिली कि जहाज पर कोई दुर्घटना हुई है और राकेश चौहान को अस्पताल ले जाया गया है।

इस मामले में फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने भी गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन ने दावा किया है कि भारत में हुए पोस्टमार्टम के आधार पर शव में कई प्रमुख आंतरिक अंग नहीं मिले। साथ ही, संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि शव प्राप्ति से जुड़े दस्तावेजों में अनियमितताएं थीं और नौकरी के अनुबंध में दर्ज जहाज तथा वास्तविक तैनाती वाले जहाज के नाम में अंतर था।

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एफएसयूआई ने विदेश मंत्रालय और वेनेजुएला में भारतीय दूतावास से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने तथा पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की मांग की है।

फिलहाल भारतीय अधिकारियों या संबंधित कंपनी की ओर से परिवार और संगठन द्वारा लगाए गए आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं की गई है। मामले की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों और लगाए गए आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

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