समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बुधवार को सहारनपुर पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और भ्रष्टाचार से जनता बुरी तरह परेशान है। उन्होंने दावा किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनना पूरी तरह तय है। अखिलेश यादव ने गन्ना किसानों के लिए बड़ा वादा करते हुए कहा कि सपा की सरकार बनते ही 24 घंटे के अंदर गन्ने का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने किसानों को बेहतर बीज, सस्ता कीटनाशक, प्रशिक्षण और फसल का सही दाम दिलाने की भी बात कही।
युवाओं के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अग्निवीर व्यवस्था को पूरी तरह खत्म कर सेना में पक्की भर्ती बहाल की जाएगी। सहारनपुर में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए स्टेडियम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और जरूरत के हिसाब से स्पोर्ट्स सिटी विकसित करने की बात भी उन्होंने कही। सपा मुखिया ने जल जीवन मिशन पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई जगहों पर पाइप और टंकियां तो लगी हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं आ रहा है। एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि सड़कों में गड्ढे एक गंभीर मुद्दा बन चुके हैं और जनता चुनाव में इसका पूरा हिसाब लेगी।
अखिलेश यादव ने सहारनपुर के वुड कार्विंग उद्योग और कारीगरों के लिए प्रशिक्षण, सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और जरूरत के अनुसार सब्सिडी देने का वादा भी किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका की पाबंदियों का सीधा असर किसानों, कारीगरों और निर्यात कारोबार पर पड़ रहा है। सहारनपुर के बैंक करेंसी चेस्ट में नकली नोट मिलने के मामले को लेकर अखिलेश यादव ने नोटबंदी को पूरी तरह विफल योजना बताया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद यह दावा किया गया था कि नकली करेंसी और कालेधन पर रोक लग जाएगी, लेकिन अब बैंकिंग सिस्टम में ही नकली नोट सामने आ रहे हैं।
आरक्षण के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने साफ कहा कि आरक्षण था, आरक्षण है और आरक्षण रहेगा। उन्होंने जातीय जनगणना का समर्थन करते हुए आबादी के अनुपात में हक और सम्मान देने की बात कही। अखिलेश ने कहा कि सपा की सरकार बनने पर सहारनपुर की स्थानीय जरूरतों के अनुसार विशेष योजनाएं तैयार की जाएंगी। किसान, व्यापारी, कारीगर, युवा और आम लोगों को केंद्र में रखकर विकास का पूरा खाका तैयार किया जाएगा। उनका कहना था कि जनता अब बदलाव चाहती है और 2027 का चुनाव भाजपा के खिलाफ एक बड़ा जनादेश बनने जा रहा है।
