सीतापुर जिले के मिश्रिख वन रेंज में बाघिन की तलाश लगातार जारी है। रविवार को तलाश के 78वें दिन वन विभाग की टीम ने रसुलवा गांव के आसपास जंगल और खेतों में कॉम्बिंग की। इस दौरान उस जगह के आसपास बाघिन के ताजा पगचिह्न मिले, जहां किसान कमल किशोर पर हमला कर उसकी मौत हो गई थी। पगचिह्न मिलने के बाद टीम ने आसपास के पूरे इलाके का बारीकी से निरीक्षण किया। कई दिनों से बाघिन के नए पगचिह्न नहीं मिल रहे थे, लेकिन घटनास्थल के आसपास दोबारा पगचिह्न मिलने से यह साफ हो गया है कि बाघिन अभी भी इसी क्षेत्र में सक्रिय है।
वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी और कॉम्बिंग कर रही है। टीमें दिन-रात इलाके में गश्त कर रही हैं और बाघिन की लोकेशन का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। इलाके के ग्रामीणों को भी लगातार सतर्क किया जा रहा है। ग्रामीण खेतों की ओर जाने से डर रहे हैं, क्योंकि बाघिन कभी भी किसी पर हमला कर सकती है। वहीं गाजीपुर गांव के दक्षिण दिशा में रविवार सुबह ग्रामीणों को किसी जंगली जानवर के पगचिह्न दिखाई दिए। बड़े जानवर के पगचिह्न होने की जानकारी पर ग्रामीणों में हलचल मच गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पगचिह्नों की जांच की। वन विभाग ने गाजीपुर में मिले पगचिह्नों को तेंदुए का बताया है। इससे यह साफ हो गया है कि इलाके में एक साथ बाघिन और तेंदुआ दोनों मौजूद हैं, जिससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल या खेतों की ओर न जाएं और किसी भी जंगली जानवर को देखने पर तुरंत सूचना दें।
