

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की रणनीतियों को धार देने दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुँचे हैं। नवगठित प्रदेश कार्यकारिणी के ऐलान के बाद शीर्ष नेतृत्व का यह पहला और बेहद महत्वपूर्ण दौरा माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मियां चरम पर पहुंच चुकी हैं। इसी चुनावी विसात को बिछाने और राज्य में अपनी पकड़ को और अधिक मजबूत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने ‘मिशन मोड’ में पूरी ताकत झोंक दी है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन आगामी 3 और 4 जुलाई को अपने पहले आधिकारिक और अत्यंत महत्वपूर्ण दो दिवसीय दौरे पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंच चुके हैं।
इस दौरे का मुख्य और एकमात्र विधिक मकसद साल 2027 के विधानसभा चुनावों में पार्टी के लिए एक ऐसा अभेद्य और कड़ा रोडमैप तैयार करना है, जिससे विपक्ष के हर पैंतरे को फेल किया जा सके और उत्तर प्रदेश की सत्ता पर बीजेपी जीत की ऐतिहासिक हैट्रिक लगा सके।
सीएम योगी, दोनों डिप्टी सीएम और संघ के शीर्ष पदाधिकारियों संग होगी महाबैठक
नितिन नबीन का यह लखनऊ प्रवास केवल एक औपचारिक सांगठनिक दौरा नहीं है, बल्कि इसके भीतर बैठकों का एक बेहद कड़ा और सघन शेड्यूलिंग ग्रिड तैयार किया गया है। अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक के साथ-साथ सरकार के सभी कैबिनेट मंत्रियों, विधायकों और सांसदों के साथ बंद कमरे में उच्च स्तरीय विमर्श करेंगे।
इसके साथ ही, इस पूरी सांगठनिक कवायद में सबसे अहम कड़ी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघके वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ होने वाली नितिन नबीन की गुप्त मंत्रणा को माना जा रहा है, जिसका सीधा उद्देश्य संगठन और सरकार के बीच समन्वय को शत-प्रतिशत बेहतर और पारदर्शी बनाना है।
पंकज चौधरी की नई टीम को देंगे चुनावी मंत्र, जमीनी कार्यकर्ताओं से लेंगे सीधा फीडबैक
बीजेपी के रणनीतिकारों के मुताबिक, हाल ही में उत्तर प्रदेश बीजेपी की प्रदेश इकाई में एक व्यापक फेरबदल किया गया है। नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में एक बेहद जंबो और संतुलित टीम का गठन हो चुका है, जिसमें 19 उपाध्यक्ष, 8 महासचिव और 19 सचिवों को मुख्य सांगठनिक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके साथ ही सूबे के सभी 6 क्षेत्रीय अध्यक्षों के नामों को भी अंतिम रूप दिया जा चुका है। नितिन नबीन अपने इस दौरे के जरिए जमीनी स्तर पर यह परखेंगे कि यह नई टीम धरातल पर कितनी प्रभावी ढंग से काम कर रही है। वे केवल बड़े नेताओं के कमरों तक सीमित न रहकर सीधे क्षेत्रीय संगठन मंत्रियों और मोर्चों के जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करेंगे ताकि यह जाना जा सके कि इस समय सूबे की आम जनता के भीतर सरकार को लेकर क्या माहौल है।
2024 के नुकसान से लिया सबक, अब किसी भी प्रकार का रिस्क लेने के मूड में नहीं शीर्ष नेतृत्व
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश के भीतर पार्टी को जो अप्रत्याशित सीटों का नुकसान उठाना पड़ा था, उसके बाद से ही केंद्रीय नेतृत्व बेहद सतर्क और आक्रामक रुख अपनाए हुए है। बीजेपी आलाकमान अब आगामी विधानसभा चुनाव में किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई या आंतरिक रिस्क लेने के मूड में बिल्कुल नहीं है।
यही कारण है कि नितिन नबीन खुद लखनऊ की धरती पर पैर रखकर जमीनी हकीकत को टटोलने आ रहे हैं। इस दो दिवसीय दौरे में वे सभी पदाधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी करेंगे कि वे सोशल मीडिया और धरातल पर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे नैरेटिव और दांव को काटने के लिए अभी से आक्रामक रणनीति अपनाएं, ताकि उत्तर प्रदेश की सत्ता का किला पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके।
