लखनऊ में 250 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, फर्जी कॉल सेंटर पर छापा; 119 आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ पुलिस ने राजधानी में संचालित एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, गोमतीनगर स्थित समिट बिल्डिंग में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर 119 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरोह पर 250 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी करने का आरोप है।
इस कार्रवाई की जानकारी पुलिस आयुक्त (सीपी) अमरेन्द्र सेंगर ने संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अपर्णा कुमार और अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) किरण यादव के साथ आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि आरोपी विदेशी नागरिकों, विशेषकर अमेरिका सहित कई देशों के लोगों को निशाना बनाते थे। गिरोह के सदस्य खुद को एफबीआई और अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डिजिटल गिरफ्तारी (Digital Arrest) का डर दिखाते थे। इसके अलावा पोर्नोग्राफी और अन्य आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी देकर उनसे बड़ी रकम वसूली जाती थी।
जांच में सामने आया है कि गिरोह के निशाने पर बुजुर्ग और विदेशी महिलाएं अधिक रहती थीं। पुलिस के अनुसार, समिट बिल्डिंग स्थित कॉल सेंटर से 100 से अधिक कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 20 से अधिक युवतियां भी शामिल हैं। सभी से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि नए कर्मचारियों को पहले साइबर ठगी का प्रशिक्षण दिया जाता था। अंग्रेजी भाषा में अच्छी पकड़ रखने वाले युवाओं को 30 से 40 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन पर नियुक्त किया जाता था। गिरोह का सरगना विदेश में बैठकर पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था और इसका नेटवर्क अमेरिका सहित कई देशों तक फैला हुआ था।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 103 लैपटॉप, 177 मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। मामले में ललित खैराजानी, विक्रम सिंह सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
प्रेस वार्ता में पुलिस आयुक्त ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार गिरोह प्रतिदिन करीब 35 लाख रुपये की साइबर ठगी करता था। कर्मचारियों को वेतन हवाला के माध्यम से आए पैसों से दिया जाता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, विदेश में बैठे संचालकों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।
लखनऊ पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कई एजेंसियों के सहयोग से आगे बढ़ाई जा रही है और साइबर ठगी के इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

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