लखनऊ में पीडब्ल्यूडी सड़क खुदाई के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, प्रशासन ने 3 दिन में समाधान का दिया आश्वासन

लखनऊ के सरोजिनी नगर क्षेत्र में हसनपुर खेवली से मझगवां रेलवे क्रॉसिंग के बीच पीडब्ल्यूडी सड़क की खुदाई के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सड़क को गहराई तक खोद दिए जाने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। प्रशासन से वार्ता के बाद ग्रामीणों को तीन दिन के भीतर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

ग्रामीणों के अनुसार, हसनपुर खेवली से मझगवां रेलवे क्रॉसिंग के बीच बनी पुरानी डामर सड़क को कथित रूप से करीब चार फीट तक खोद दिया गया है। उनका आरोप है कि इस दौरान सड़क से गिट्टी और रोड़ी भी निकाली गई, जिससे आम लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने इस कार्रवाई में संबंधित एजेंसी, भू-माफियाओं और कुछ अन्य लोगों की भूमिका होने का भी आरोप लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का प्रयास किया। उनका कहना था कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के बावजूद निर्धारित समय तक कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। कुछ ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार और धक्का-मुक्की करने का भी आरोप लगाया। पुलिस की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

बाद में अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के पास एसीपी आर.के. सिंह और अन्य पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। इसके बाद नायब तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) से दूरभाष पर वार्ता कराई। एसडीएम ने मौके पर आने में असमर्थता जताते हुए तीन दिन के भीतर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया।

प्रदर्शन के दौरान हसनपुर खेवली निवासी श्री राम रावत ने अपनी भूमि पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत भी नायब तहसीलदार के माध्यम से उपजिलाधिकारी सरोजिनी नगर को सौंपी। शिकायत में संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

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ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर सड़क की स्थिति बहाल नहीं की गई और उनकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है।

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