लखनऊ के इंदिरा नगर इलाके में मंगलवार रात सावन महोत्सव के दौरान बड़ा हादसा हो गया। करीब 50 फीट ऊंचे चलते झूले की एक ट्रॉली अचानक टूट गई और नीचे आते समय पांच-छह दूसरी ट्रॉलियों से टकरा गई। हादसे में भाई-बहन समेत पांच बच्चे घायल हो गए। इनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हादसे के बाद बच्चों की चीख-पुकार सुनाई दे रही है।
हादसा इस्माइलगंज में सुषमा हॉस्पिटल के पास लगे मेले में रात करीब साढ़े सात बजे हुआ। बताया जा रहा है कि झूले की एक खाली ट्रॉली अचानक टूटकर नीचे की ओर आई और दूसरी ट्रॉलियों से टकरा गई। इससे झूले में बैठे लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद एक बच्ची के मुंह और नाक से खून निकलने लगा। झूले पर मौजूद लोग लगातार उसे रोकने की मांग करते रहे। करीब 10 मिनट तक मौके पर चीख-पुकार की स्थिति बनी रही। इसके बाद झूला रोका गया और घायलों को नीचे उतारा गया।
विभूतिखंड के नया गांव विजयीपुर निवासी सूर्या सिंह ने बताया कि वह अपनी बहनों अंकिता और नैंसी के साथ मेले में पहुंचे थे। उनके साथ कुछ दोस्त भी थे। करीब 15 मिनट तक मेला घूमने के बाद सभी झूला झूलने गए। इसी दौरान अचानक एक खाली ट्रॉली टूटकर उनकी ट्रॉली से टकरा गई।

हादसे में अंकिता के चेहरे पर गंभीर चोट आई और उसके मुंह व नाक से खून निकलने लगा। नैंसी और सूर्या को भी चोटें आईं। नीचे की ट्रॉली में बैठी एक लड़की के बेहोश होने की भी जानकारी सामने आई है। कुछ अन्य लोगों को भी चोट लगी।
घायलों को मेला स्थल के पास स्थित सुषमा अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 16 वर्षीय निशा कुमारी के शरीर में कई फ्रैक्चर पाए गए हैं। एक अन्य घायल को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। सूर्या को भी प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने मेला संचालक को पकड़ लिया, लेकिन आरोप है कि वह बाद में वहां से भाग निकला। घायलों के परिजनों ने मेले के संचालन और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि मेले और झूलों के संचालन के लिए जरूरी अनुमति ली गई थी या नहीं।
हादसे के तुरंत बाद पुलिस ने इंदिरा नगर के सावन महोत्सव में लगे सभी झूलों को बंद करा दिया। पुलिस का कहना है कि घायलों के परिजनों की ओर से लिखित शिकायत मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
