लखनऊ में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह, CM योगी ने फहराया तिरंगा; दिखी ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की झलक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 15 अगस्त 2026 को 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्ति, सांस्कृतिक विविधता और गरिमा के साथ मनाया गया। विधानभवन के सामने आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तिरंगा फहराया। तिरंगा फहराने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। समारोह की तस्वीरों और स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से भी होती है।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह करीब 9:15 बजे राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की प्रस्तुति के साथ हुई। भारतखण्डे संगीत विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुति देकर समारोह में देशभक्ति का माहौल बनाया। इसके बाद 32वीं वाहिनी पीएसी, 35वीं वाहिनी पीएसी और मिलिट्री बैंड की अनुशासित प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तिरंगा फहराने के बाद आसमान में तिरंगे गुब्बारे छोड़े गए और पुष्प वर्षा हुई। इस दौरान पूरा परिसर भारत माता के जयकारों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में अपनी जिम्मेदारियां निभाने का आह्वान किया।

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‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की दिखी झलक

स्वतंत्रता दिवस समारोह में संस्कृति विभाग की ओर से ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की थीम पर विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें देश के अलग-अलग राज्यों के कलाकारों ने अपनी लोक परंपराओं और संस्कृति को मंच पर प्रस्तुत किया।

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड, पूर्वांचल, अवध और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति के साथ जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, गुजरात और बिहार के कलाकारों ने भी प्रस्तुतियां दीं। अलग-अलग राज्यों की लोक कलाओं और नृत्यों ने देश की सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया।

राम-सीता-लक्ष्मण की झांकी बनी आकर्षण

समारोह में भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण की झांकी भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही। गौरी कला मंडपम ग्रुप की ओर से प्रस्तुत इस झांकी में वाराणसी की कुमकुम रस्तोगी ने माता सीता, ऋत्विक सिंह ने भगवान राम और आयुष साहू ने लक्ष्मण की भूमिका निभाई।

करीब 16 कलाकारों की टीम ने इस प्रस्तुति को तैयार किया था। झांकी के जरिए भारतीय संस्कृति और भगवान राम के आदर्शों को मंच पर प्रस्तुत किया गया।

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कथक और लोकनृत्य ने बांधा समां

भारतखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय की टीम ने कथक और लोकनृत्य की प्रस्तुतियां दीं। करीब 20 कलाकारों ने कथक और छह कलाकारों ने लोकनृत्य प्रस्तुत किया। कथक में प्रस्तुत तराने ने दर्शकों का ध्यान खींचा।

मथुरा-वृंदावन से आए रवि शंकर ने शंख वादन किया। वहीं छत्तीसगढ़ से आए 19 कलाकारों के दल ने बस्तर की प्रसिद्ध लोक कला ‘रेला पाटा’ प्रस्तुत की।

अरुणाचल प्रदेश और महाराष्ट्र से आए कलाकारों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। महाराष्ट्र की 22 सदस्यीय टीम ने करीब एक सप्ताह की तैयारी के बाद प्रस्तुति दी। कलाकारों ने अलग-अलग राज्यों के दलों के साथ मंच साझा करने को भारत की विविधता और एकता का अनुभव बताया।

समारोह के दौरान तिरंगे गुब्बारे और पुष्प वर्षा ने माहौल को और उत्साहपूर्ण बना दिया। बच्चों और दर्शकों के हाथों में तिरंगा नजर आया। कार्यक्रम में विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद बृजलाल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

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