कॉरपोरेट धोखाधड़ी रैकेट के अंतरराष्ट्रीय गैंग का खुलासा

लखनऊ के थाना सुशान्त गोल्फ सिटी व साइबर सेल की संयुक्त टीमों द्वारा कॉरपोरेट धोखाधड़ी रैकेट के अंतरराष्ट्रीय गैंग का किया गया खुलासा।

साइबर फ्राड करते हुये आम जनता से करोड़ो की ठगी करने वाले 4 शातिर अभियुक्तो को किया गया गिरफ्तार।

अभियक्तगणो के कब्जे से 79 चेक बुक, 77 ए0टी0एम0 कार्ड, 14 की पैड मोबाइल, 15 एण्ड्राइड मोबाइल आदि बरामद किये गये।

01-कार्यवाही विवरणः-

लखनऊ। अपर पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) रल्लापल्ली वसंथ कुमार व सहायक पुलिस आयुक्त गोसाईगंज ऋषभ यादव ने प्रेस वार्ता आयोजित कर बताया कि थाना सुशान्त गोल्फ सिटी पुलिस टीम व साइबर सेल की संयुक्त कार्यवाही में बैंक अकाउंट खुलवाकर ऑनलाइन साइबर फ्राड करने वाले अंतरराष्ट्रीय कॉरपोरेट धोकाधड़ी रैकेट के 4 शातिर अभियुक्तो को गिरफ्तार किया गया। थाना सुशान्त गोल्फ सिटी पुलिस को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध लोग लाईट हाउस आवास विकास योजना के ब्लाक ए/1010 प्लैट नम्बर में साइबर फ्रॉड का काम कर रहे है। सूचना पर तत्काल थाना सुशान्त गोल्फ सिटी पुलिस बल द्वारा कार्यवाही करते हुए मौके पर पहुंचे तो देखा कि चार लोग उपरोक्त फ्लैट में लैपटोप व मोबाइल से कुछ फ्रॉड का पैसा ट्रान्सफर कर रहे थे। मौके से मौजूद लोगो को हिरासत में लेकर पूछताछ कि गयी तो ज्ञात हुआ कि ये लोग साइबर फ्रॉड व कम्पनी बनाकर पैसे का ट्रान्सफर कर उसके निकाल लेते थे।इस संबंध में थाना सुशान्त गोल्फ सिटी लखनऊ पर मु0अ0सं0-409/2026, धारा 317 (2)/318(4)/61(2) बीएनएस व 66 सी/डी आईडी एक्ट पंजीकृत कर अभियुक्तगणों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही पूर्ण कर मा0 न्यायलय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। शेष अभियुक्त की तलाश जारी है। गिरफ्तार अभियुक्तगण में
1. सत्येन्द्र सविता पुत्र सूरज कुमार सविता निवासी म0नं0 336 पीताम्बर नगर, थाना कोतवाली जनपद उन्नाव उम्र 28 वर्ष शिक्षा- 12वी पास व्यवसाय-बाल काटने का काम करता है।

2. निप्पु कुमार पुत्र बालिस्टर साह निवासी ग्राम व पोस्ट सुगाँवडीह थाना सुगौली जनपद पूर्वी चम्पारण, बिहार उम्र 23 वर्ष शिक्षा-अनपढ व्यवसाय-मजदूरी

3. मनीष कुमार पुत्र मनोज कुमार निवासी ग्राम व पोस्ट सुगाँवडीह थाना सुगौली जनपद पूर्वी चम्पारण, बिहार उम्र 25 वर्ष शिक्षा-11वी पास व्यवसाय-कॉसमेटीक की दुकान पर काम करता है।

4. सन्नी कुमार पुत्र मनोज मधुसूदन शाह निवासी ग्राम व पोस्ट सुगाँवडीह थाना सुगौली जनपद पूर्वी चम्पारण, बिहार उम्र 26 वर्ष शिक्षा- 12वी पास व्यवसाय-प्राइवेट नौकरी करता है।

गिरफ्तारशुदा अभियुक्तगणो से कडाई से पूछतांछ करने पर ज्ञात हुआ कि उपरोक्त अभियुक्तो द्वारा अपने साथी के कहने पर जनता के लोगो को बहला फुसला कर उनके नाम पर करेंट एकाउण्ट व फर्जी आफिस की आढ में फर्म रजिस्टर करवा लेते थे । तत्पश्चात इनके साथी द्वारा साइबर फ्राड करते हुये उक्त खातो में ट्राजेक्शन करके पैसे ट्रांसफर करते थे । जिससे अभियुक्त उपरोक्त अपना आर्थिक लाभ लेते थे । अभियुक्तगणों के विरुद्ध विभिन्न राज्यो में Online NCRP Portal पर 718 शिकायते दर्ज है। जिनकी जानकारी की जा रही है।

कॉर्पोरेट म्यूल अकाउंट रिंगः-

यह सिंडिकेट एक बहुत ही स्ट्रक्चर्ड, लेयर्ड फाइनेंशियल साइबरक्राइम नेटवर्क चलाता है, जिसे किंगपिन की पूरी तरह से पहचान छिपाते हुए गैर-कानूनी फंड को लॉन्ड्र करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस ऑपरेशन को चार अलग-अलग फेज़ में बांटा जा सकता है:-


आइडेंटिटी थेफ्ट और कॉर्पोरेट शेल कंपनी क्रिएशनः-

टारगेटिंग:- आरोपी रैंडम, अनजान लोगों के KYC डॉक्यूमेंट्स इकट्ठा करते हैं या खरीदते हैं।

फेब्रिकेशनः- इन आइडेंटिटी क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल करके, वे ऑफिशियल अथॉरिटीज़ के साथ फ्रॉड शेल कंपनियाँ रजिस्टर करते हैं।

कॉर्पोरेट बैंकिंग:- पर्सनल अकाउंट्स के बजाय, वे इन शेल कंपनियों Kindred Elements and KDS Pvt.Ltd. के तहत कॉर्पोरेट बैंक अकाउंट्स खोलते हैं। यह ज़्यादा ट्रांजैक्शन लिमिट पक्का करने और पर्सनल अकाउंट में ज़्यादा वेलोसिटी ट्रांसफ़र से तुरंत होने वाले रेड फ़्लैग से बचने का एक सोचा-समझा तरीका है।

इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोक्योरमेंट (द किट)

इन अकाउंट को दूर से मैनेज करने और मास्टरमाइंड को पूरा कंट्रोल देने के लिए, हैंडलर एक “म्यूल किट” बनाते हैं, जिसमें ये चीजें होती हैं:-

डिजिटल एक्सेसः- बैंकिंग ऐप्स को मैनेज करने, OTP पाने और WhatsApp एक्सेस करने के लिए कई मोबाइल फ़ोन ।

फ़िज़िकल एक्सेसः- कैश रूटिंग के लिए चेकबुक और ATM कार्ड।

लिक्विडेशन टूल्सः- पॉइंट ऑफ़ सेल (POS) मशीनें, जिनका इस्तेमाल शायद कार्ड स्वाइप करने और तुरंत सही लगने वाले मर्चेंट अकाउंट में फंड भेजने के लिए किया जाता है।

एनोनिमिटी लेयरः- हैंडलर एंड-यूज़र से नहीं मिलते हैं। बातचीत पूरी तरह से WhatsApp ग्रुप (जैसे, सपोर्ट बाबा) के ज़रिए डिजिटल होती है।

जानकारी में अंतर:- हैंडलर कॉर्पोरेट बैंक अकाउंट की डिटेल्स, इंटरनेट बैंकिंग क्रेडेंशियल्स और OTP एक्सेस इन ग्रुप्स पर अपलोड करते हैं, जिससे अकाउंट्स का कंट्रोल मेन ऑपरेटर्स के हाथ में चला जाता है।

लेयरिंग और मोनेटाइजेशन (कैश फ्लो)

इनफ्लो:- अनजान थर्ड पार्टी (साइबर फ्रॉड करने वाले, गैर-कानूनी बेटिंग ऑपरेटर, या सेक्सटॉर्शनिस्ट) पीड़ितों को इन कॉर्पोरेट अकाउंट्स में स्कैम का पैसा जमा करने के लिए कहते हैं।

पेआउट:-

हैंडलर लोकल फैसिलिटेटर के तौर पर काम करते हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखने, OTPs को मैनेज करने और अकाउंट्स को एक्टिव रखने के लिए, वे ट्रांजैक्शन की गई रकम का एक तय परसेंटेज (कमीशन) लेते हैं, जबकि लॉन्ड्र किए गए पैसे का बड़ा हिस्सा आगे लेयर किया जाता है या क्रिप्टो में बदल दिया जाता है।

अभियुक्तों से बरामगदीः-

79 अदद चेक बुक, 6 अदद पीओएस मशीन, 77 अदद ए०टी०एम० कार्ड, अदद की पैड मोबाइल, अदद एण्ड्राइड मोबाइल, अदद सिम कार्ड, विभिन्न कम्पनियों के दस्तावेज, अदद लैपटोप, अदद आईकार्ड, अदद स्टांप मोहर

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पुलिस हिरासत में अंतरराष्ट्रीय गैंग के सदस्य
अंतरराष्ट्रीय गैंग के सदस्यों के पास से बरामद सामान
अंतरराष्ट्रीय गैंग के बारे जानकारी देते हुए अपर पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) रल्लापल्ली वसंथ कुमार व सहायक पुलिस आयुक्त गोसाईगंज ऋषभ यादव
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