तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (डीएमके) के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने अभिनेता से नेता बने विजय की तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) सरकार की स्थिरता पर सवाल उठाते हुए बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी और राज्य में कभी भी चुनाव हो सकते हैं।
चेन्नई के वनगरम स्थित श्री वारु मैरिज हॉल में आयोजित एक सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एमके स्टालिन ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अभी से चुनाव की तैयारी शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और डीएमके को हर स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए।
इस कार्यक्रम के दौरान पूर्व एआईएडीएमके मंत्री बेंजामिन के नेतृत्व में विभिन्न राजनीतिक दलों के 5,000 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डीएमके की सदस्यता ग्रहण की। स्टालिन ने इसे पार्टी के बढ़ते जनाधार का संकेत बताते हुए नए सदस्यों का स्वागत किया।
अपने संबोधन में स्टालिन ने कहा कि मौजूदा सत्तारूढ़ दल अपने दम पर स्थिर सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत हासिल नहीं कर सका था। उन्होंने दावा किया कि सरकार की स्थिति मजबूत नहीं है और राजनीतिक हालात किसी भी समय बदल सकते हैं। हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई ठोस समयसीमा या अतिरिक्त जानकारी नहीं दी।
स्टालिन के इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में राज्य की सियासत और अधिक गर्म हो सकती है। वहीं, विजय की तमिलगा वेत्री कड़गम की ओर से स्टालिन के बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
तमिलनाडु में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच सभी प्रमुख दल अपनी संगठनात्मक तैयारियों को मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में आने वाले समय में राज्य की राजनीति और अधिक दिलचस्प होने की संभावना जताई जा रही है।
