त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार से आई एक मालगाड़ी से 6.54 करोड़ रुपये से अधिक कीमत का प्रतिबंधित कफ सिरप जब्त किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह त्रिपुरा में पिछले वर्ष अक्टूबर के बाद कफ सिरप की दूसरी सबसे बड़ी बरामदगी है।
डीआरआई ने अगरतला रेलवे स्टेशन पर खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मालगाड़ी की तलाशी ली। इस दौरान एस्कुफ (Eskuf) और फेयरडिल (Fairdeal) ब्रांड के 100-100 मिलीलीटर वाले कुल 55,626 बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किए गए। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन कफ सिरप का दुरुपयोग नशीले पदार्थ के रूप में किया जाता है।

कार्रवाई के दौरान डीआरआई को असम राइफल्स, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग मिला। इस मामले में 34 वर्षीय सुब्रत देब नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, वह त्रिपुरा के खोवाई जिले की एक निजी कंपनी में प्रबंधक है और कथित तौर पर खेप लेने के लिए अगरतला रेलवे स्टेशन पहुंचा था।
अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंधित कफ सिरप की यह खेप बिहार के कटिहार से बुक की गई थी और इसे हाई-कैपेसिटी पार्सल वैन के माध्यम से मालगाड़ी से अगरतला भेजा गया था। मामले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
जांच एजेंसियां अब इस तस्करी नेटवर्क के स्रोत, सप्लाई चेन, प्राप्तकर्ताओं और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जारी है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष 17 अक्टूबर को भी त्रिपुरा पुलिस क्राइम ब्रांच और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने एक मालगाड़ी से करीब 5.4 करोड़ रुपये मूल्य का प्रतिबंधित एस्कुफ कफ सिरप जब्त किया था। उस मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी हुई थी और जांच में पूर्वोत्तर राज्यों में सक्रिय एक बड़े नशीले पदार्थ तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ था।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हाल के वर्षों में रेलवे नेटवर्क का इस्तेमाल कर नशीले और प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी के कई मामले सामने आए हैं। इसी वजह से रेलवे स्टेशनों और मालगाड़ियों की निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है।
