महादेव को समर्पित कविता: अपना अरिहन्त कहूँ

अपना अरिहन्त कहूँ…..! आदि कहूँ….अंत कहूँ….या फिर…अनंत कहूँ…देव कहूँ ….साधु कहूँ…या फिर….सिद्ध कोई संत कहूँ…पर्याय किसी और का….!भला क्यों कहूँ…?क्यों…

महापुरुष बनाम ‘ग्रेट’: सोशल मीडिया के दौर में बदलती महानता की परिभाषा

बदलते परिदृश्य में….! लोगबाग….गाँव-देश-समाज में… खुद को कहाने को “ग्रेट”… बना रहे हैं टाइम बाउंड “टारगेट”.. उनके शब्दकोश से गायब…