लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्लास्टिक्स उद्योग को नई तकनीक, निवेश और वैश्विक कारोबारी अवसरों से जोड़ने की दिशा में राजधानी लखनऊ में गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को Plastivision India 2027 के तहत Plastics Industry Meet का आयोजन किया गया। होटल ताजमहल में आयोजित इस कार्यक्रम में प्लास्टिक्स क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों, निर्माताओं और कारोबारी प्रतिनिधियों को मुंबई में होने वाले आगामी अंतरराष्ट्रीय आयोजन से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया गया।
Plastivision India 2027 का आयोजन 21 से 25 जनवरी 2027 तक मुंबई में किया जाना है। आयोजक ऑल इंडिया प्लास्टिक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (AIPMA) के अनुसार, यह प्रदर्शनी प्लास्टिक्स उद्योग के लिए तकनीक, मशीनरी, उत्पादों और कारोबारी नेटवर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण मंच होगी। AIPMA अपनी वेबसाइट पर इसे दुनिया के प्रमुख प्लास्टिक्स उद्योग आयोजनों में शामिल बताता है।
लखनऊ में आयोजित इंडस्ट्री मीट का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के प्लास्टिक्स कारोबार से जुड़े लोगों को प्रदर्शनी की तैयारियों और संभावित कारोबारी अवसरों की जानकारी देना रहा। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के MSME, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम एवं वस्त्र मंत्री राकेश सचान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके अलावा CIPET के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) शिशिर सिन्हा, PMATA के अध्यक्ष विमल शुक्ला, CII उत्तर प्रदेश के निदेशक एवं प्रमुख आलोक शुक्ला और IIA International Affairs के चेयरमैन अमन अग्रवाल समेत उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम में Plastivision India 2027 के चेयरमैन जयेश खिमजी रंभिया, AIPMA के अध्यक्ष सुनील शाह, AIPMA Governing Council के चेयरमैन अरविंद मेहता, NAB के चेयरमैन हरपाल सिंह, को-चेयरमैन डॉ. आशुतोष के. गोर और चंद्रकांत तुरखिया तथा AIPMA नॉर्थ जोन के वाइस प्रेसिडेंट सुनील मोंगा सहित कई पदाधिकारी और उद्यमी शामिल हुए।
आयोजकों ने उत्तर प्रदेश के प्लास्टिक्स उद्योग से जुड़े कारोबारियों से Plastivision India 2027 में भागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम में बताया गया कि प्रदर्शनी के जरिए उद्योग को नई मशीनरी, प्रोसेसिंग तकनीक, कच्चे माल, रीसाइक्लिंग और टिकाऊ समाधान से जुड़ी नई जानकारी हासिल करने का अवसर मिलेगा। AIPMA की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, Plastivision India 2027 में मशीनरी, मोल्ड्स एवं डाइज, कच्चे माल, सहायक उपकरण और तैयार उत्पादों सहित प्लास्टिक्स उद्योग के विभिन्न क्षेत्रों को जगह दी जाएगी।
AIPMA के मुताबिक, संगठन देश में प्लास्टिक्स उद्योग के विकास के लिए व्यापार मेलों, सेमिनार, सम्मेलन, खरीदार-विक्रेता बैठकों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करता है। एसोसिएशन की स्थापना 1945 में हुई थी और यह प्लास्टिक्स उद्योग से जुड़े विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व करता है।
Plastivision India 2027 को लेकर आयोजकों ने बड़े स्तर पर भागीदारी की उम्मीद जताई है। आधिकारिक जानकारी में आयोजन के लिए 1,500 से अधिक प्रदर्शकों, 30 से अधिक देशों की भागीदारी और करीब 2.5 लाख बिजनेस विजिटर्स के अनुमान का उल्लेख किया गया है। इससे उत्तर प्रदेश जैसे बड़े औद्योगिक राज्य के निर्माताओं और कारोबारियों के लिए नए बाजारों तथा कारोबारी संपर्कों की संभावनाएं बन सकती हैं।
लखनऊ में हुआ यह इंडस्ट्री मीट Plastivision India 2027 के उद्योग संपर्क अभियान का हिस्सा रहा। कार्यक्रम के जरिए उत्तर प्रदेश के कारोबारियों को मुंबई में होने वाले आयोजन से जोड़ने और प्लास्टिक्स क्षेत्र में तकनीकी विकास तथा कारोबारी सहयोग के अवसरों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के समापन पर उद्योग प्रतिनिधियों के लिए डिनर का आयोजन भी किया गया।
