मिलिए IPS Vinay Tiwari से, जो अब गोपालगंज के SP हैं
बिहार में 9 जनवरी 2026 को 71 IPS अधिकारियों का बड़ा तबादला हुआ था। Bihar IPS transfer list में IPS Vinay Tiwari को गोपालगंज जिले का नया SP बनाया गया। गोपालगंज की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उनका नाम Superintendent of Police के रूप में दर्ज है। यही Vinay Tiwari IPS current posting 2026 है।गोपालगंज बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा पर है। यहाँ अपराध नियंत्रण आसान काम नहीं है। इसलिए सरकार ने यहाँ एक अनुभवी अधिकारी को भेजा है।
IPS Vinay Tiwari कौन हैं?
IPS Vinay Tiwari 2015 बैच के IPS अधिकारी हैं और उनका कैडर बिहार है। उनका जन्म 24 जनवरी 1991 को हुआ था। इस हिसाब से 2026 में Vinay Tiwari IPS age 35 साल है।वे उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के रहने वाले हैं। ललितपुर बुंदेलखंड क्षेत्र में आता है जहाँ खेती करना मुश्किल होता है। उनके पिता का नाम कन्हैयालाल तिवारी है जो एक साधारण किसान हैं। Vinay Tiwari IPS family बहुत बड़ा या अमीर नहीं था, लेकिन पढ़ाई को हमेशा सबसे ऊपर रखा गया।
बचपन और पढ़ाई – हिंदी माध्यम से IIT तक
विनय तिवारी जी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई सरस्वती शिशु मंदिर, ललितपुर से की। 9वीं और 10वीं उन्होंने सरकारी स्कूल से की। एक हिंदी माध्यम का लड़का जो सरकारी स्कूल में पढ़ता है, उसके लिए IIT तक पहुँचना कितना मुश्किल है।लेकिन उन्होंने मेहनत नहीं छोड़ी। 2008 में उन्होंने IIT-JEE दिया और All India Rank 4037 हासिल की। इस रैंक से उन्हें IIT-BHU वाराणसी में सिविल इंजीनियरिंग मिली। यही IIT BHU to IPS story की शुरुआत थी।वे खुद कहते हैं कि बचपन में टॉपर नहीं थे, औसत छात्र थे। लेकिन रोज थोड़ा-थोड़ा पढ़ते रहे और यही आदत उन्हें आगे ले गई।
UPSC का सफर – दो बार में सफलता
IIT-BHU में रहते हुए ही उनके मन में देश सेवा का ख्याल आया। उन्होंने सोचा कि इंजीनियर बनने से बड़ा काम पुलिस अधिकारी बनकर लोगों की मदद करना है। उन्होंने UPSC में सिविल इंजीनियरिंग को ऑप्शनल रखा। उनके IIT के ज्ञान ने बहुत मदद की। 2014 में दूसरे प्रयास में UPSC क्लियर किया और Vinay Tiwari IPS UPSC rank 193 लाए। उसी साल उन्होंने IES भी क्लियर किया और उसमें AIR 50 लाए। एक ही साल में दो सबसे मुश्किल परीक्षाएँ निकालना बहुत बड़ी बात है। ट्रेनिंग सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस अकादमी, हैदराबाद में हुई। उसके बाद बिहार कैडर मिला।
अब तक कहाँ-कहाँ रहे?
उनका करियर बहुत तेजी से आगे बढ़ा:
- गोपालगंज में सदर SDPO – यहीं से लोगों ने उन्हें ‘सिंघम’ कहना शुरू किया क्योंकि वे कड़ी कार्रवाई करते थे।
- पटना सिटी SP (2019)
- भोजपुर SP, समस्तीपुर SP, रेल SP मुजफ्फरपुर
- EOU में SP – गोपालगंज से पहले वे Economic Offences Unit में थे और वहीं से उन्हें गोपालगंज भेजा गया।
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Vinay Tiwari Sushant case में क्यों आए चर्चा में?
2020 में सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उनके पिता ने पटना में केस दर्ज कराया था। बिहार पुलिस की टीम जाँच के लिए मुंबई गई थी। Vinay Tiwari Sushant case में विनय तिवारी जी 2 अगस्त 2020 को मुंबई पहुँचे थे।लेकिन मुंबई पहुँचते ही BMC ने उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटाइन कर दिया और एक गेस्ट हाउस में रोक दिया। बिहार पुलिस ने कहा कि यह जाँच को रोकने की कोशिश है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया।जब वे वापस पटना आए तो उन्होंने एक लाइन कही जो आज भी लोग याद करते हैं:
“मुझे क्वारंटाइन नहीं किया गया, जाँच को क्वारंटाइन किया गया था।”इसके बाद यह केस CBI को दे दिया गया। इस घटना के बाद पूरा देश उन्हें जानने लगा।
“मुझे क्वारंटाइन नहीं किया गया, जाँच को क्वारंटाइन किया गया था।”इसके बाद यह केस CBI को दे दिया गया। इस घटना के बाद पूरा देश उन्हें जानने लगा।
एक सख्त पुलिस अधिकारी और एक नरम दिल कवि
लोगों को लगता है कि IPS अधिकारी सिर्फ सख्त होते हैं, लेकिन विनय तिवारी जी एक कवि भी हैं। लॉकडाउन के समय उन्होंने कोरोना पर एक कविता लिखी थी जो सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हुई थी।वे Instagram और Twitter पर भी हैं। उनका Instagram ID @ipsvinayomtiwari है। वे वहाँ कविता, मोटिवेशन और जिंदगी से जुड़ी बातें लिखते हैं।अपनी पत्नी और परिवार के बारे में वे ज्यादा बात नहीं करते। वे अपने परिवार को मीडिया से दूर रखना पसंद करते हैं।
गोपालगंज के लिए उनका प्लान क्या है?
गोपालगंज में अभी उनके सामने तीन बड़े काम हैं – बॉर्डर से होने वाली तस्करी रोकना, जमीन विवाद को कम करना और युवाओं में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाना।उनका मानना है कि टेक्नोलॉजी और पुराने तरीकों को साथ में इस्तेमाल करने से अपराध जल्दी कंट्रोल होता है। इसलिए वे हर थाने में डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा दे रहे हैं।ललितपुर के एक छोटे से गाँव से निकलकर IIT-BHU, फिर UPSC और अब गोपालगंज SP तक का उनका सफर यह बताता है कि अगर मेहनत सच्ची हो तो हिंदी माध्यम या गरीबी सफलता में रुकावट नहीं बनती।
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