चंडीगढ़। चितकारा यूनिवर्सिटी ने पंजाब स्थित अपने कैंपस में अटल इनक्यूबेशन सेंटर-चितकारा इनक्यूबेशन फाउंडेशन (AIC-CIF) और AIC-PRIDE लैब्स का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य भारत के डीप-टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना और नवाचार आधारित उद्यमों को बढ़ावा देना है।
यह इनक्यूबेशन सेंटर भारत सरकार के नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (AIM) और चितकारा यूनिवर्सिटी के संयुक्त सहयोग से स्थापित किया गया है। दोनों संस्थानों की ओर से अगले पांच वर्षों में करीब 20 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह केंद्र ड्रोन टेक्नोलॉजी, एग्रीटेक, नवीकरणीय ऊर्जा, रिसर्च के व्यावसायीकरण और तकनीक आधारित स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करेगा।
इस अवसर पर ‘ATL सारथी पंजाब’ पहल की भी शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य राज्यभर की अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL) को मजबूत करना और उन्हें बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। इस पहल के जरिए स्कूल स्तर से ही छात्रों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में इन्वेस्ट पंजाब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमित ढाका (आईएएस) शामिल हुए। वहीं, नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन के प्रोग्राम लीड प्रतीक देशमुख और मिशन से जुड़ीं दीपाक्षी जिंदल भी समारोह में मौजूद रहीं। कार्यक्रम में चितकारा यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. अशोक चितकारा, प्रेसिडेंट एवं सह-संस्थापक डॉ. मधु चितकारा के साथ उद्योग, शिक्षा, सरकार और निवेश क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञों ने भाग लिया।
AIC-चितकारा इनक्यूबेशन फाउंडेशन स्टार्टअप्स को संरचित एक्सेलरेशन प्रोग्राम, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, निवेशकों तक पहुंच, प्रोडक्ट वैलिडेशन, इंडस्ट्री पार्टनरशिप, बौद्धिक संपदा (आईपी) संबंधी सहायता और नियामकीय सलाह जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इसका उद्देश्य नवाचार को प्रयोगशाला से निकालकर व्यावसायिक सफलता तक पहुंचाना है।
चितकारा यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. अशोक चितकारा ने कहा कि किसी भी नवाचार की वास्तविक सफलता तब होती है जब वह समाज की समस्याओं का समाधान बनकर लोगों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह इनक्यूबेशन सेंटर उद्यमियों को ऐसी तकनीक विकसित करने में सहयोग देगा, जो लंबे समय तक सकारात्मक प्रभाव छोड़ सके।
वहीं, अमित ढाका ने कहा कि मजबूत स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम आपसी सहयोग से विकसित होते हैं। उनके अनुसार, यह पहल पंजाब में तकनीक आधारित उद्यमिता को नई दिशा देने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और नवाचार के नए अवसर भी पैदा करेगी।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने AIC-PRIDE लैब्स का दौरा किया और स्टार्टअप संस्थापकों से संवाद कर उनकी तकनीकी परियोजनाओं की जानकारी ली। इस दौरान सेंटर की उस अवधारणा पर भी जोर दिया गया, जिसके तहत शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों, निवेशकों और नवाचारकर्ताओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
चितकारा यूनिवर्सिटी की प्रेसिडेंट डॉ. मधु चितकारा ने कहा कि भविष्य उन्हीं संस्थानों का होगा जो शिक्षा, शोध और उद्योग को एक साथ जोड़कर नवाचार को बढ़ावा देंगे। उन्होंने कहा कि यह इनक्यूबेशन सेंटर भारत के युवाओं को वैश्विक स्तर के टेक्नोलॉजी स्टार्टअप तैयार करने के लिए आवश्यक संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा।
कार्यक्रम में ATL सारथी पंजाब से जुड़े उत्कृष्ट मेंटर्स को भी सम्मानित किया गया। साथ ही, चितकारा यूनिवर्सिटी ने नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन के मिशन डायरेक्टर डॉ. दीपक बागला के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन में इस इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना संभव हो सकी।
यूनिवर्सिटी का मानना है कि AIC-चितकारा इनक्यूबेशन फाउंडेशन शिक्षा, उद्योग, सरकार और निवेशकों को एक मंच पर लाकर भारत में तकनीक आधारित उद्यमिता और शोध के व्यावसायीकरण को नई गति देगा।
