अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा और कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहली बार मंदिर निर्माण और संचालन से जुड़े दान एवं खर्च का विस्तृत वित्तीय ब्योरा सार्वजनिक किया है। ट्रस्ट के अनुसार, राम मंदिर निर्माण के लिए अब तक 3,264 करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ है, जिसमें से 2,370 करोड़ रुपये मंदिर निर्माण और अन्य पूंजीगत कार्यों पर खर्च किए जा चुके हैं।
ट्रस्ट की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, मंदिर निर्माण पूर्ण होने के बाद 31 मार्च 2026 तक श्रद्धालुओं से 482 करोड़ रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ। इस राशि में से 391 करोड़ रुपये मंदिर के संचालन, रखरखाव और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किए गए हैं, जबकि शेष धनराशि ट्रस्ट के बैंक खातों में सुरक्षित रखी गई है।
ट्रस्ट ने यह भी बताया कि अब तक मंदिर को 2,926 भेंट प्राप्त हो चुकी हैं। इनमें सोना, चांदी और अन्य मूल्यवान वस्तुएं शामिल हैं। ट्रस्ट के अनुसार, प्राप्त चांदी की वस्तुओं को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें गलाकर चांदी की छड़ों (सिल्वर बार) के रूप में संरक्षित किया गया है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी और कथित गबन के आरोपों के बीच जारी इस वित्तीय विवरण को ट्रस्ट का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक खुलासा माना जा रहा है। हाल के दिनों में मंदिर के चढ़ावे को लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल उठाए गए थे, जिसके बाद ट्रस्ट की ओर से आय और व्यय का विस्तृत ब्योरा सामने आया है।
ट्रस्ट का कहना है कि मंदिर निर्माण, संचालन और श्रद्धालुओं से प्राप्त दान का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप किया जा रहा है तथा वित्तीय लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा गया है। यह वित्तीय विवरण सार्वजनिक होने के बाद अब इस मुद्दे पर चल रही चर्चाओं के बीच पारदर्शिता को लेकर नई बहस भी शुरू हो गई है।
