राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर वीएचपी अध्यक्ष आलोक कुमार का जवाब, बोले- सभी आरोपों की हो निष्पक्ष जांच

अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर चल रहे विवाद के बीच विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बिना ठोस आधार के लगाए गए आरोप सही नहीं माने जा सकते और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच होनी चाहिए।

आलोक कुमार ने कहा कि केवल आरोप लगाने या नारेबाजी करने से कोई आरोप साबित नहीं हो जाता। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार के किस कदम से यह प्रतीत होता है कि किसी को बचाने का प्रयास किया गया है। उनके अनुसार, न तो सरकार और न ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने किसी को संरक्षण देने की कोशिश की है।

वीएचपी अध्यक्ष ने कहा कि ट्रस्ट ने अपनी प्राथमिकी (एफआईआर) में विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट में जिन आठ लोगों के नाम सामने आए थे, उन्हें शामिल किया है। इसके साथ ही एफआईआर में “अन्य अज्ञात लोगों” का भी उल्लेख किया गया है, ताकि जांच के दौरान यदि किसी और की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके।

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उन्होंने कहा कि यदि विस्तृत जांच होगी तो मामले से जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

आलोक कुमार ने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को उठाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए विपक्ष भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। उनके अनुसार, विपक्ष इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाकर चुनावी लाभ लेना चाहता है।

उन्होंने कहा कि जनता राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और वास्तविक तथ्यों के बीच अंतर समझती है। उनका मानना है कि इस तरह के मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय जांच एजेंसियों को निष्पक्ष तरीके से अपना काम करने देना चाहिए।

गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और उससे जुड़े पदाधिकारी आरोपों को खारिज करते हुए मामले की जांच में पूरा सहयोग देने की बात कह रहे हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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