ममता बनर्जी पर FIR, हाईकोर्ट के आदेश के बाद क्यों बढ़ा बंगाल का सियासी पारा

कोलकाता में ममता बनर्जी FIR मामले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। कोलकाता पुलिस ने 28 अगस्त 2026 को तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद (TMCP) के स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों के कथित उल्लंघन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने यह केस हेस्टिंग्स थाने में दर्ज किया है।

मामला मध्य कोलकाता के कैथेड्रल रोड पर आयोजित टीएमसी छात्र परिषद के स्थापना दिवस कार्यक्रम से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, हाईकोर्ट ने कार्यक्रम की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी थी। इनमें सड़क के एक हिस्से को यातायात के लिए खुला रखना, कार्यक्रम में लोगों की संख्या सीमित रखना और निर्धारित समय के भीतर आयोजन समाप्त करना शामिल था।

पुलिस का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान इन शर्तों का कथित तौर पर पालन नहीं हुआ। शिकायत में कहा गया है कि समर्थकों ने बैरिकेड्स को हटाया और कानून-व्यवस्था संभालने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की। इसके अलावा कैथेड्रल रोड के एक हिस्से पर यातायात प्रभावित होने और कार्यक्रम के निर्धारित समय से आगे जारी रहने का भी आरोप लगाया गया है।

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हाईकोर्ट की शर्तों को लेकर शुरू हुआ विवाद

दरअसल, 28 अगस्त को टीएमसी छात्र परिषद के स्थापना दिवस के लिए दोनों गुटों ने अलग-अलग जगह कार्यक्रम की अनुमति मांगी थी। कलकत्ता हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को मेयो रोड पर कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार करते हुए अलग-अलग स्थान तय किए थे। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को कैथेड्रल रोड के एक हिस्से में कार्यक्रम करने की अनुमति मिली थी, जबकि दूसरे गुट को रानी राशमणि रोड पर जगह दी गई थी।

अदालत ने दोनों कार्यक्रमों के लिए दोपहर 12 बजे से शाम 3 बजे तक की समय सीमा तय की थी और प्रत्येक कार्यक्रम में अधिकतम 1,500 लोगों के शामिल होने की शर्त रखी थी। कैथेड्रल रोड के एक हिस्से को यातायात के लिए खुला रखने का निर्देश भी दिया गया था।

पुलिस का कहना है कि कार्यक्रम के दौरान भीड़ ने बैरिकेड्स हटाकर सड़क के दूसरे हिस्से में भी जगह बना ली। इससे यातायात प्रभावित हुआ और पुलिसकर्मियों को भीड़ को नियंत्रित करने में परेशानी हुई। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यक्रम अदालत की ओर से निर्धारित समय के बाद तक चलता रहा। इन आरोपों की जांच अब पुलिस करेगी।

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ममता बनर्जी और आयोजकों पर किन धाराओं में केस

कोलकाता पुलिस ने हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2), 223, 125(a), 132 और 285 के तहत मामला दर्ज किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह केस पुलिस की ओर से स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज किया गया। मामले में ममता बनर्जी के साथ टीएमसी छात्र परिषद के आयोजकों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों और आयोजकों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल FIR में लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं और अदालत में आरोप साबित होना बाकी है।

सुवेंदु अधिकारी के बयान के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद

इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति भी गरमा गई है। सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने पुलिस से FIR दर्ज करने और मामले को लेकर हाईकोर्ट का रुख करने की बात कही थी। उनके बयान के बाद ममता बनर्जी और टीएमसी के खिलाफ राजनीतिक हमले और तेज हो गए हैं।

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अधिकारी ने छात्र राजनीति को लेकर भी बड़ा दावा किया और कहा कि आने वाले छात्र चुनावों में बीजेपी और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) को मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान सड़क पर भीड़ और यातायात बाधित होने के मुद्दे को भी उठाया।

वहीं, ममता बनर्जी ने 28 अगस्त के कार्यक्रम में अपने समर्थकों को संबोधित किया था। कार्यक्रम में टीएमसी छात्र परिषद के स्थापना दिवस को लेकर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक जुटे थे। अब उसी कार्यक्रम को लेकर दर्ज हुई FIR ने राज्य की राजनीति में नया कानूनी और राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया है।

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