धर्मयुद्ध यात्रा के मंच से राष्ट्रमाता का दर्जा और 2027 में सत्ता बदलाव की मांग

लखनऊ। गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा गुरुवार शाम लखनऊ के मोहनलालगंज पहुंची। जगतगुरु शंकराचार्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती 1008 जी महाराज SDV Academy, रानीखेड़ा, डेहवा में आयोजित सभा में शामिल हुए। प्रबंधक लवकुश यादव, संतों और स्थानीय नागरिकों ने वैदिक मंत्रों और शंखध्वनि के बीच महाराज का भव्य स्वागत किया। मैदान खचाखच भरा रहा।
जनसभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि आज देश में गौ को “पशु” की श्रेणी में रखना हमारी सनातन परंपरा का सबसे बड़ा अपमान है। गौ माता केवल दूध नहीं देती, वह कृषि, पर्यावरण और संस्कृति की आधार है। “जब तक गौ माता को संवैधानिक रूप से राष्ट्रमाता घोषित नहीं किया जाता और पूरे देश में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगता, तब तक भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना अधूरा रहेगा।”
उन्होंने सरकार से मांग की कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर गौ संरक्षण कानून पारित किया जाए। दोषियों के लिए कठोर सजा का प्रावधान हो। साथ ही गौशालाओं को आर्थिक मदद देकर आत्मनिर्भर बनाया जाए।
शंकराचार्य ने राजनीतिक मुद्दे पर भी सीधा बयान दिया। उन्होंने कहा कि धर्म, संस्कृति और गौ की रक्षा के लिए 2027 में सत्ता परिवर्तन जरूरी है। “जनता को अब जागना होगा। जाति और क्षेत्र से ऊपर उठकर धर्म के लिए मतदान करना होगा। तभी हमारी आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित रहेंगी।”
कार्यक्रम में सपा जिला अध्यक्ष जय सिंह जयंत, पूर्व विधायक अम्ब्रीश सिंह पुष्कर, पूर्व बार अध्यक्ष श्रवण कुमार यादव, अमरेंद्र सिंह यादव, अरुणेश प्रताप सिंह, राजकिशोर राजू, नितुल शर्मा, सतीष गुप्ता, मयंक यादव ,जय सिंह यादव, ऋतिक यादव, रामसमुझ रावत, अर्चना रावत, उमेशप्रधान, बृजेश यादव, कन्हैया लाल यादव, शिवम गोलू, पदम प्रधान, दिलीप यादव, अंशु यादव, सतीश यादव, सहित बड़ी संख्या में संत, समाजसेवी, व्यापारी और युवा मौजूद रहे। महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लेकर गौ रक्षा का संकल्प लिया।
सभा के समापन पर शंकराचार्य महाराज का SDV Academy में रात्रि विश्राम हुआ। शुक्रवार सुबह वे अपने लाव-लश्कर के साथ उन्नाव जनपद के मौरावां के लिए प्रस्थान करेंगे। आयोजकों ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य गांव-गांव जाकर लोगों में गौ चेतना जगाना है।
