लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए प्रदेश के 262 आरक्षियों (सिपाहियों) को पदोन्नत कर मुख्य आरक्षी (हेड कांस्टेबल) बना दिया है। यह पदोन्नति वरिष्ठता सूची और उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी एवं मुख्य आरक्षी सेवा नियमावली, 2015 के प्रावधानों के तहत चयन वर्ष 2025-26 में उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर की गई है। आदेश 30 जून 2026 को जारी किया गया है।
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार पदोन्नति प्राप्त सभी पुलिसकर्मियों को 1 जुलाई 2026 से प्रभावी रूप से मुख्य आरक्षी (नागरिक पुलिस) के पद पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। पदोन्नत कर्मियों को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पूरी करनी होगी तथा विभागीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करना भी अनिवार्य होगा।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई, निलंबन अथवा आपराधिक मुकदमे लंबित होंगे, उनके मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पदभार ग्रहण करने से पहले प्रत्येक पदोन्नत कर्मी को स्वघोषणा पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।
पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस आयुक्तों, जोनल एडीजी, रेंज आईजी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों एवं जनपद प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि पदोन्नति आदेश का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही पदोन्नत कर्मियों की सूची उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध करा दी गई है।
वहीं, पदोन्नति प्रक्रिया के दौरान 19 आरक्षियों को विभिन्न कारणों से अनुपयुक्त घोषित किया गया है, जबकि 3 कर्मियों के मामलों को विभागीय प्रक्रिया पूरी होने तक सीलबंद रखा गया है।
