लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला में विनाशकारी जुड़वां भूकंपों के कुछ दिनों बाद एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। अधिकारियों के अनुसार, नए झटके के बाद राहत और बचाव कार्यों में और चुनौतियां बढ़ गई हैं। अब तक इस आपदा में 920 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3,300 से अधिक लोग घायल बताए गए हैं। इसके अलावा लगभग 50,000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं और हजारों राहतकर्मी मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं।
जुड़वां भूकंपों ने राजधानी कराकास और आसपास के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। बड़ी संख्या में इमारतें ढह गईं, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं और बिजली व संचार सेवाएं प्रभावित हुई हैं। लगातार महसूस हो रहे झटकों के कारण लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है और कई परिवार खुले स्थानों पर रहने को मजबूर हैं।
राहत एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय बचाव दलों ने प्रभावित क्षेत्रों में खोज एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। भारी मशीनों, खोजी कुत्तों और विशेष उपकरणों की मदद से मलबे में दबे लोगों को निकालने की कोशिश जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स बचाव कार्य को और कठिन बना रहे हैं।
भारत ने भी मानवीय सहायता के तहत ‘ऑपरेशन एमिस्टैड’ (Operation Amistad) शुरू किया है। इस मिशन के तहत भारतीय वायुसेना के विमान राहत सामग्री, चिकित्सा उपकरण, फील्ड हॉस्पिटल और बचाव दल लेकर वेनेजुएला पहुंचे हैं। भारत सरकार ने कहा है कि संकट की इस घड़ी में वह वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़ा है और हरसंभव सहायता प्रदान करेगा।
संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने भी प्रभावित लोगों के लिए मानवीय सहायता भेजने की घोषणा की है। राहत एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिन बचाव अभियान के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से अधिक से अधिक लोगों की जान बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
