राजधानी लखनऊ में गोमती और सई नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे शहर के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सबसे ज्यादा असर फैजुल्लागंज इलाके में देखने को मिल रहा है, जहां कई कॉलोनियां पूरी तरह पानी में डूब चुकी हैं। दाउदनगर, मामा कॉलोनी, कैलाश विहार, कनौजिया चौराहा, नंदा फार्म हाउस, मिश्रा प्लानिंग एरिया और मस्जिद तिराहा जैसे इलाकों में घरों के अंदर कई फीट पानी भर गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी हर दिन करीब 300 मीटर नए इलाके में फैल रहा है। ललित नगर, जैनब मस्जिद, राम विहार कॉलोनी और पवन विहार में भी पानी घरों तक पहुंच गया है। कई परिवार अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ले रहे हैं, वहीं खाली पड़े मकानों में चोरी की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में एक नई समस्या सांपों के रूप में सामने आई है। लोगों के मुताबिक कई घरों और आसपास सांप दिखाई दे रहे हैं, जिससे डर का माहौल है। राहत सामग्री पहुंचाने में पानी बड़ी रुकावट बन रहा है। सामाजिक संगठनों ने प्रभावित लोगों को भोजन के पैकेट बांटे हैं और आवागमन के लिए नावों का सहारा लिया जा रहा है। कुछ लोगों ने नाव के लिए पैसे वसूलने का आरोप लगाया है, जिसके बाद प्रशासन से नावों की निगरानी की मांग की गई है। शुक्रवार को डीएम विशाख जी. और जेसीपी बबलू कुमार ने खुद नाव से फैजुल्लागंज पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि राहत और आवागमन के लिए 24 नावें लगाई गई हैं। डीएम ने जरूरत देखते हुए 10 और नावों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं की सूची बनाने को कहा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
बख्शी का तालाब क्षेत्र के कई गांव भी बाढ़ की चपेट में हैं। बहादुरपुर गांव के 68 वर्षीय छोटा ने बताया कि रात में पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि सुबह तक आंगन में करीब पांच फीट पानी भर गया। परिवार के करीब 12 सदस्यों और मवेशियों को सुरक्षित जगह ले जाना पड़ा। लासा, अकड़रिया खुर्द, दुधरा, सुल्तानपुर, बहादुरपुर और हीरापुरवा के करीब 50 घरों में पानी भरने की खबर है। ग्रामीण ट्रैक्टर और नाव की मदद से भूसा, अनाज और जरूरी सामान निकाल रहे हैं। गोमती और सई नदियों की बाढ़ से कई गांवों में फसलें पूरी तरह खराब हो चुकी हैं। अकड़रिया खुर्द, अकड़रिया कला, लासा, सुल्तानपुर, बहादुरपुर और हीरापुरवा समेत कई गांव प्रभावित हैं। जमखनवा, दुधरा, हरदा, शिवपुरी, कठवारा, मल्लाहनखेड़ा, अस्तल, सरौरा और दुगवरी में धान, उड़द तथा सब्जियों की फसल डूब गई है। निगोहां के जवाहरखेड़ा, चिरानीखेड़ा, मीरानपुर और बरवलिया में करीब 100 बीघा फसल जलमग्न है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में लगातार जुटा हुआ है।
