मेरठ की एक महिला सब-इंस्पेक्टर, जिन्हें एक आपत्तिजनक रील के कारण निलंबित कर दिया गया था, अब सामने आकर इस पूरे मामले पर अपनी बात रख रही हैं। यह घटना सात दिन पहले हुई थी, जब अनु कॉलिस नामक इस महिला सब-इंस्पेक्टर को निलंबित किया गया था। तब से वह सोशल मीडिया से दूर थीं। अब उन्होंने यूट्यूब पर लाइव आकर सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर अमित किल्होर पर जोरदार हमला बोला है। उन पर आरोप है कि अमित ही वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने महिला सब-इंस्पेक्टर के वीडियो को वायरल किया था। लगभग 7 मिनट 31 सेकंड के अपने लाइव वीडियो में, महिला सब-इंस्पेक्टर ने वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें हुए मानसिक आघात के बारे में बात की। अनु ने बताया कि वह पिछले पांच दिनों से अपने कमरे में बंद थीं और उनके मन में खुद को खत्म करने के विचार आ रहे थे। अमित पर निशाना साधते हुए अनु ने कहा कि उन्हें पता है कि सरकारी नौकरी कितनी मुश्किल से मिलती है।
ड्रेस को लेकर भी दी जानकारी
जिस ड्रेस को लेकर इतना बवाल हुआ था, उसी को पहनकर अनु लाइव आईं। उन्होंने कहा कि इसी ड्रेस में बनाए गए उनके वीडियो को वायरल किया गया था। अमित किल्होर ने अब वह वीडियो सोशल मीडिया से हटा दिया है और उनके भाई से माफी मांग रहे हैं। अनु ने बताया कि यह ड्रेस उन्होंने अपनी मां के साथ मॉल से खरीदी थी और उनके लिए यह बिल्कुल सामान्य बात है। न उन्हें और न ही उनके परिवार को इस ड्रेस से कोई समस्या थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उनके परिवार को इससे कोई दिक्कत नहीं है, तो दूसरों को क्यों है? महिला सब-इंस्पेक्टर ने कहा कि कुछ लोगों ने सिर्फ व्यूज के लिए उनकी 25 साल की जिंदगी बर्बाद कर दी। अनु ने कहा कि आप लोगों ने मिलकर एक लड़की की जिंदगी खत्म कर दी है। आप सब हत्यारे हैं। 2003 बैच की सब-इंस्पेक्टर अनु कॉलिस ने मेरठ के नीला ड्रम केस की आरोपी मुस्कान रस्तोगी को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद वह चर्चा में आई थीं। अनु मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली हैं। मेरठ में वह पहले रोहटा थाना, ब्रहमपुरी और अब एसएसपी ऑफिस में तैनात थीं। उन्होंने बताया कि वह रोमन कैथोलिक हैं और उनका नाम अनु कॉलिस है, अनु रानी नहीं।
अमित किल्होर पर हमला
अनु कॉलिस ने अपने वीडियो में इन्फ्लूएंसर अमित किल्होर पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि अमित ने उनके बारे में एक वीडियो बनाकर अपने इंस्टाग्राम चैनल पर शेयर किया। इस वीडियो में उन्होंने यूपी डीजीपी, सीएम और अन्य विभागीय अधिकारियों को भी टैग किया था। अनु ने सवाल उठाया कि बिना उनकी इजाजत के उनके वीडियो को अपने इंस्टाग्राम चैनल पर क्यों शेयर किया गया।
